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मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›रस एवं छंद›अनुप्रास अलंकार के भेद लिखिए। पर 25 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी

अनुप्रास अलंकार के भेद लिखिए। पर 25 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

20213M
आदर्श उत्तर

अनुप्रास अलंकार के 5 प्रमुख भेद:

  1. 1. छेकानुप्रास: जहाँ अनेक व्यंजनों की स्वरूप और क्रम से केवल एक बार आवृत्ति हो (उदा. "रीझि रीझि रहसि रहसि")।
  2. 2. वृत्यनुप्रास: जहाँ एक या अनेक व्यंजनों की आवृत्ति दो या अधिक बार (अनेक बार) हो (उदा. "तरनि तनूजा तट तमाल")।
  3. 3. लाटानुप्रास: जहाँ शब्द और अर्थ वही रहें, किन्तु अन्वय भेद से तात्पर्य बदल जाए (उदा. "पूत सपूत तौ क्यों धन संचय")।
  4. 4. श्रुत्यानुप्रास: जहाँ एक ही उच्चारण स्थान (कंठ, तालु, दंत आदि) से उच्चरित होने वाले वर्णों की आवृत्ति हो।
  5. 5. अन्त्यानुप्रास: जहाँ छंद के चरणों के अंत में समान स्वर-व्यंजन की तुकबंदी मिले।

In English (Question & Model Answer)

अनुप्रास अलंकार के भेद लिखिए। पर 25 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.

अनुप्रास अलंकार के 5 प्रमुख भेद:

  1. 1. छेकानुप्रास: जहाँ अनेक व्यंजनों की स्वरूप और क्रम से केवल एक बार आवृत्ति हो (उदा. "रीझि रीझि रहसि रहसि")।
  2. 2. वृत्यनुप्रास: जहाँ एक या अनेक व्यंजनों की आवृत्ति दो या अधिक बार (अनेक बार) हो (उदा. "तरनि तनूजा तट तमाल")।
  3. 3. लाटानुप्रास: जहाँ शब्द और अर्थ वही रहें, किन्तु अन्वय भेद से तात्पर्य बदल जाए (उदा. "पूत सपूत तौ क्यों धन संचय")।
  4. 4. श्रुत्यानुप्रास: जहाँ एक ही उच्चारण स्थान (कंठ, तालु, दंत आदि) से उच्चरित होने वाले वर्णों की आवृत्ति हो।
  5. 5. अन्त्यानुप्रास: जहाँ छंद के चरणों के अंत में समान स्वर-व्यंजन की तुकबंदी मिले।
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