दीर्घ सन्धि को उदाहरण देते हुए समझाइए।
आदर्श उत्तर
दीर्घ स्वर संधि की परिभाषा एवं उदाहरण:
1. नियम: जब ह्रस्व या दीर्घ 'अ, इ, उ, ऋ' के बाद समान (सजातीय) ह्रस्व या दीर्घ स्वर आते हैं, तो दोनों मिलकर क्रमशः दीर्घ 'आ, ई, ऊ, ॠ' बन जाते हैं (अकः सवर्णे दीर्घः)।
2. उदाहरण:
- अ + आ = आ: देव + आलय = देवालय
- इ + ई = ई: गिरि + ईश = गिरीश / कपि + ईश = कपीश
- उ + उ = ऊ: भानु + उदय = भानूदय / गुरु + उपदेश = गुरूRequest
In English (Question & Model Answer)
दीर्घ सन्धि को उदाहरण देते हुए समझाइए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
दीर्घ स्वर संधि की परिभाषा एवं उदाहरण:
1. नियम: जब ह्रस्व या दीर्घ 'अ, इ, उ, ऋ' के बाद समान (सजातीय) ह्रस्व या दीर्घ स्वर आते हैं, तो दोनों मिलकर क्रमशः दीर्घ 'आ, ई, ऊ, ॠ' बन जाते हैं (अकः सवर्णे दीर्घः)।
2. उदाहरण:
- अ + आ = आ: देव + आलय = देवालय
- इ + ई = ई: गिरि + ईश = गिरीश / कपि + ईश = कपीश
- उ + उ = ऊ: भानु + उदय = भानूदय / गुरु + उपदेश = गुरूRequest