कर्मधारय और बहुव्रीहि समास में भेद बताइए।
आदर्श उत्तर
कर्मधारय एवं बहुव्रीहि समास में मुख्य भेद:
- 1. कर्मधारय समास: इसमें दोनों पदों में विशेषण-विशेष्य अथवा उपमान-उपमेय का संबंध होता है तथा उत्तर पद प्रधान होता है।
उदाहरण: पीताम्बर = पीला है जो अम्बर (वस्त्र)। - 2. बहुव्रीहि समास: इसमें दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अन्य पद (संज्ञा) की ओर संकेत करते हैं तथा वह तीसरा पद प्रधान होता है।
उदाहरण: पीताम्बर = पीले हैं अम्बर जिसके अर्थात् भगवान श्रीकृष्ण/विष्णु।
In English (Question & Model Answer)
कर्मधारय और बहुव्रीहि समास में भेद बताइए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
कर्मधारय एवं बहुव्रीहि समास में मुख्य भेद:
- 1. कर्मधारय समास: इसमें दोनों पदों में विशेषण-विशेष्य अथवा उपमान-उपमेय का संबंध होता है तथा उत्तर पद प्रधान होता है।
उदाहरण: पीताम्बर = पीला है जो अम्बर (वस्त्र)। - 2. बहुव्रीहि समास: इसमें दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अन्य पद (संज्ञा) की ओर संकेत करते हैं तथा वह तीसरा पद प्रधान होता है।
उदाहरण: पीताम्बर = पीले हैं अम्बर जिसके अर्थात् भगवान श्रीकृष्ण/विष्णु।