"सइयाँ भये कोतवाल, अब डर काहे का" इस कहावत का आशय स्पष्ट कीजिए।
आदर्श उत्तर
'सइयाँ भये कोतवाल, अब डर काहे का' लोकोक्ति/कहावत:
- आशय: जब अपना कोई निकट सम्बन्धी या हितैषी किसी उच्च पद, सत्ता या अधिकार-सम्पन्न स्थिति में पहुँच जाता है, तो व्यक्ति अनुचित या गलत कार्य करने पर भी निडर एवं बेखौफ हो जाता है (अधिकार के संरक्षण का अनुचित लाभ उठाना)।
In English (Question & Model Answer)
"सइयाँ भये कोतवाल, अब डर काहे का" इस कहावत का आशय स्पष्ट कीजिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
'सइयाँ भये कोतवाल, अब डर काहे का' लोकोक्ति/कहावत:
- आशय: जब अपना कोई निकट सम्बन्धी या हितैषी किसी उच्च पद, सत्ता या अधिकार-सम्पन्न स्थिति में पहुँच जाता है, तो व्यक्ति अनुचित या गलत कार्य करने पर भी निडर एवं बेखौफ हो जाता है (अधिकार के संरक्षण का अनुचित लाभ उठाना)।