मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›लघुत्तरीय प्रश्न›अंग्रेजी पढ़ना खराब नहीं है, पर अंग्रेजी पढ़कर अंग्रेज हो जाना खराब

अंग्रेजी पढ़ना खराब नहीं है, पर अंग्रेजी पढ़कर अंग्रेज हो जाना खराब है। अंग्रेजी पढ़कर अपने देश को, अपनी भाषा को, अपनी संस्कृति को भूल जाना खराब है। यह बात मैं इसलिए कह रहा हूँ कि आज के अधिकतर अंग्रेजी पढ़े लिखे सज्जन अपने देश की प्रत्येक चीज को असम्मान की दृष्टि से देखते हैं, उसकी आलोचना करते हैं और उसे अपनाने में अपनी मानहानि समझते हैं। पर्वों की ही बात लीजिए, अंग्रेजीदाँ कहते हैं कि यह स्त्रियों का ढोंग है, यह पण्डितों की पोंगापन्थी है। वे कहते हैं, पर्व बेकार हैं, ये फिजूलखर्ची के साधन हैं।

202110M
आदर्श उत्तर

संक्षेपण (Précis Writing):

उचित शीर्षक: पाश्चात्य अंधानुकरण बनाम भारतीय संस्कृति का सम्मान

संक्षेपण:
ज्ञानार्जन हेतु अंग्रेजी भाषा सीखना अनुचित नहीं है, किन्तु अंग्रेजी पढ़कर अपनी मातृभाषा, देश और संस्कृति की उपेक्षा करना अत्यंत निंदनीय है। आधुनिक तथाकथित अंग्रेजीदाँ वर्ग अपने ही देश की परंपराओं और सांस्कृतिक पर्वों को अंधविश्वास व फिजूलखर्ची मानकर हीन दृष्टि से देखता है, जो राष्ट्रीय स्वाभिमान के सर्वथा विरुद्ध है। अपनी जड़ों से जुड़े रहकर ही वास्तविक प्रगति संभव है।

(मूल शब्द: ~115 शब्द | संक्षेपण शब्द: ~46 शब्द)

In English (Question & Model Answer)

अंग्रेजी पढ़ना खराब नहीं है, पर अंग्रेजी पढ़कर अंग्रेज हो जाना खराब है। अंग्रेजी पढ़कर अपने देश को, अपनी भाषा को, अपनी संस्कृति को भूल जाना खराब है। यह बात मैं इसलिए कह रहा हूँ कि आज के अधिकतर अंग्रेजी पढ़े लिखे सज्जन अपने देश की प्रत्येक चीज को असम्मान की दृष्टि से देखते हैं, उसकी आलोचना करते हैं और उसे अपनाने में अपनी मानहानि समझते हैं। पर्वों की ही बात लीजिए, अंग्रेजीदाँ कहते हैं कि यह स्त्रियों का ढोंग है, यह पण्डितों की पोंगापन्थी है। वे कहते हैं, पर्व बेकार हैं, ये फिजूलखर्ची के साधन हैं।

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.

संक्षेपण (Précis Writing):

उचित शीर्षक: पाश्चात्य अंधानुकरण बनाम भारतीय संस्कृति का सम्मान

संक्षेपण:
ज्ञानार्जन हेतु अंग्रेजी भाषा सीखना अनुचित नहीं है, किन्तु अंग्रेजी पढ़कर अपनी मातृभाषा, देश और संस्कृति की उपेक्षा करना अत्यंत निंदनीय है। आधुनिक तथाकथित अंग्रेजीदाँ वर्ग अपने ही देश की परंपराओं और सांस्कृतिक पर्वों को अंधविश्वास व फिजूलखर्ची मानकर हीन दृष्टि से देखता है, जो राष्ट्रीय स्वाभिमान के सर्वथा विरुद्ध है। अपनी जड़ों से जुड़े रहकर ही वास्तविक प्रगति संभव है।

(मूल शब्द: ~115 शब्द | संक्षेपण शब्द: ~46 शब्द)

इस प्रश्न को संदर्भ में देखें →
निशुल्क एंड्रॉइड ऐप

स्टेट PYQ ऐप पर बेहतर अभ्यास करें

⚡ एरर डायरी · ⏱ मेन्स आंसर पेसर टाइमर · 📴 ऑफलाइन रिवीजन वॉल्ट

डाउनलोड करेंGoogle Play