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कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' में कितने प्रकार के संघ राज्यों का उल्लेख मिलता है?

20223M
आदर्श उत्तर

कौटिल्य के अर्थशास्त्र में संघ-राज्यों (गणराज्यों) के प्रकार:

  • कौटिल्य ने अर्थशास्त्र के 11वें अधिकरण में दो प्रकार के संघ राज्यों का उल्लेख किया है:
    1. वार्ता-शस्त्रोपजीवी संघ: वे संघ जो आजीविका हेतु कृषि, पशुपालन, व्यापार (वार्ता) तथा शस्त्र विद्या पर निर्भर थे (उदा. कम्बोज, सुराष्ट्र)।
    2. राज-शब्दोपजीवी संघ: वे संघ जिनके शासक/सभासद 'राजा' की उपाधि धारण करते थे (उदा. लिच्छवि, वृज्जि, मल्ल, मद्रक, कुरु, पांचाल)।

In English (Question & Model Answer)

How many Sangh Rajyas are mentioned in Kautilya's Arthashastra?

Sangh-Rajyas (Republics) in Kautilya's Arthashastra:

  • Kautilya mentions two distinct categories of Sanghas (Oligarchies/Republics) in Book XI:
    1. Varta-Shastropajivi Sanghas: Republics living by agriculture, trade (Varta), and martial weapons (e.g., Kamboja, Surashtra).
    2. Raja-Shabdopajivi Sanghas: Republics whose ruling council members bore the honorary royal title of 'Raja' (e.g., Lichchhavi, Vrijji, Malla, Madraka, Kuru, Panchala).
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