मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: इतिहास›इकाई-1 भारत का प्राचीन एवं मध्यकालीन इतिहास›सल्तनत एवं मुगल शासक और उनका प्रशासन एवं मध्यकालीन संस्कृति का अभ्युद्य›मुगल काल में कबूलियत क्या होते थे?

मुगल काल में कबूलियत क्या होते थे?

20223M
आदर्श उत्तर

मुगल/शेरशाह काल में 'कबूलियत' (Kabuliyat):

  • राजस्व स्वीकृति पत्र: किसान द्वारा राज्य को दिया जाने वाला लिखित सहमति पत्र (इकरारनामा), जिसमें वह अपनी भूमि के क्षेत्रफल और उस पर निर्धारित सरकारी लगान चुकाने की वचनबद्धता स्वीकार करता था।
  • पूरक दस्तावेज: यह राज्य द्वारा दिए जाने वाले 'पट्टा' (Patta) के बदले किसान से लिया जाता था (शेरशाह व अकबर द्वारा लागू)।

In English (Question & Model Answer)

What was Kabuliyat in Mughal period?

Kabuliyat in the Mughal / Sher Shah Period:

  • Legal Deed of Acceptance: A written formal bond/agreement signed by a cultivator (peasant) admitting the landholding measurements and pledging to pay the assessed land revenue (Mal) to the state.
  • Counterpart: Given in exchange for the Patta (title deed issued by the state specifying the land area and tax rates), pioneered by Sher Shah Suri and standardized under Akbar's Dahsala system.
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