मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›अपठित गद्यांश›पुराने समय में अधिक व्यय क्यों होता था?

पुराने समय में अधिक व्यय क्यों होता था?

20224M
आदर्श उत्तर

उत्तर:

मुद्रणकला (छापेखाने) के आविष्कार से पूर्व पुस्तकें हाथ से लिखी (हस्तलिखित) जाती थीं। ताड़पत्रों, भोजपत्रों पर सुंदर अक्षरों में एक-एक पांडुलिपि तैयार करने में अत्यधिक श्रम, समय और धन लगता था, जिसके कारण कभी-कभी एक पुस्तक की तैयारी में आधुनिक साधारण पुस्तकालय जितनी संपत्ति व्यय हो जाती थी।

In English (Question & Model Answer)

पुराने समय में अधिक व्यय क्यों होता था?

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.

उत्तर:

मुद्रणकला (छापेखाने) के आविष्कार से पूर्व पुस्तकें हाथ से लिखी (हस्तलिखित) जाती थीं। ताड़पत्रों, भोजपत्रों पर सुंदर अक्षरों में एक-एक पांडुलिपि तैयार करने में अत्यधिक श्रम, समय और धन लगता था, जिसके कारण कभी-कभी एक पुस्तक की तैयारी में आधुनिक साधारण पुस्तकालय जितनी संपत्ति व्यय हो जाती थी।

इस प्रश्न को संदर्भ में देखें →
निशुल्क एंड्रॉइड ऐप

स्टेट PYQ ऐप पर बेहतर अभ्यास करें

⚡ एरर डायरी · ⏱ मेन्स आंसर पेसर टाइमर · 📴 ऑफलाइन रिवीजन वॉल्ट

डाउनलोड करेंGoogle Play