मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: इतिहास›इकाई-3 आधुनिक भारत एवं स्वतंत्रता आंदोलन›ब्रिटिश उपनिवेश के प्रति भारतीयों की प्रतिक्रिया- कृषक एवं जनजातियों का विद्रोह, प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन / संग्राम। भारतीय पुनर्जागरण- राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन एवं इसके नेतृत्वकर्ता›राजा महेन्द्र प्रताप पर 20 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

राजा महेन्द्र प्रताप पर 20 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

20233M
आदर्श उत्तर

राजा महेन्द्र प्रताप (1886-1979):

  • महान स्वतंत्रता सेनानी व क्रांतिकारी: 1 दिसंबर 1915 को काबुल (अफगानिस्तान) में भारत की प्रथम निर्वासित अंतरिम सरकार (Provisional Government) स्थापित कर स्वयं राष्ट्रपति बने (भोपाल के मौलवी बरकतुल्लाह प्रधानमंत्री बने)।
  • योगदान: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय हेतु अपनी भूमि दान की; 1932 में नोबेल शांति पुरस्कार हेतु नामांकित।

In English (Question & Model Answer)

Write a short note on Raja Mahendra Pratap in 20 words.

Raja Mahendra Pratap (1886–1979):

  • Revolutionary Freedom Fighter: Established the First Provisional Government of Free India in Exile (Kabul, Afghanistan) on 1 December 1915, serving as its President alongside Prime Minister Maulvi Barkatullah of Bhopal.
  • Legacy: Donated vast ancestral lands to establish Aligarh Muslim University; nominated for the Nobel Peace Prize in 1932.
इस प्रश्न को संदर्भ में देखें →
निशुल्क एंड्रॉइड ऐप

स्टेट PYQ ऐप पर बेहतर अभ्यास करें

⚡ एरर डायरी · ⏱ मेन्स आंसर पेसर टाइमर · 📴 ऑफलाइन रिवीजन वॉल्ट

डाउनलोड करेंGoogle Play