मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: राजनीति विज्ञान›इकाई-3 लोकतंत्र, मीडिया एवं विचारक›भारतीय राजनीतिक विचारक कौटिल्य, देवी अहिल्याबाई होलकर, महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरु, सरदार वल्लभ भाई पटेल, राममनोहर लोहिया, डॉ. भीमराव आम्बेडकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, जयप्रकाश नारायण›जयप्रकाश नारायण का 'सच्चे लोकतन्त्र' का सिद्धान्त क्या है?

जयप्रकाश नारायण का 'सच्चे लोकतन्त्र' का सिद्धान्त क्या है?

20233M
आदर्श उत्तर

जयप्रकाश नारायण (JP) की 'सच्चे लोकतंत्र' (True Democracy) की संकल्पना:

  • मूल अवधारणा: गांधीवादी ग्राम स्वराज पर आधारित 'दलविहीन समुदायवादी लोकतंत्र' (Partyless Communitarian Democracy) एवं सत्ता का पूर्ण विकेंद्रीकरण।
  • प्रमुख आधार: ग्राम सभाओं के माध्यम से प्रत्यक्ष लोकतंत्र, दलगत भ्रष्टाचार से मुक्ति, सर्वसम्मति आधारित निर्णय तथा 'राजनीति' (सत्ता-प्राप्ति) के स्थान पर 'लोकनीति' (जन-कल्याण) की स्थापना।

In English (Question & Model Answer)

What is 'True Democracy' concept of Jayaprakash Narayan?

Jayaprakash Narayan's Concept of 'True Democracy' (सच्चा लोकतंत्र):

  • Core Concept: 'Partyless Communitarian Democracy' (दलविहीन समुदायवादी लोकतंत्र) rooted in Gandhi's Gram Swaraj and radical decentralization.
  • Key Pillars: Direct democracy driven by village Gram Sabhas, elimination of party-line power monopolies, selection through consensus, and Lokniti (people's politics) replacing Rajniti (power politics).
इस प्रश्न को संदर्भ में देखें →
निशुल्क एंड्रॉइड ऐप

स्टेट PYQ ऐप पर बेहतर अभ्यास करें

⚡ एरर डायरी · ⏱ मेन्स आंसर पेसर टाइमर · 📴 ऑफलाइन रिवीजन वॉल्ट

डाउनलोड करेंGoogle Play