मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: राजनीति विज्ञान›इकाई-1 संविधान एवं मौलिक अधिकार›संघवाद- केन्द्र-राज्य संबंध, उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय, न्यायिक पुनरावलोकन, न्यायिक सक्रियता, लोक अदालत एवं जनहित याचिका›न्यायिक समीक्षा के तीन महत्व क्या हैं?

न्यायिक समीक्षा के तीन महत्व क्या हैं?

20233M
आदर्श उत्तर

न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) के तीन प्रमुख महत्व:

  • 1. संविधान की सर्वोच्चता की रक्षा: संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले किसी भी विधायी अधिनियम या कार्यपालक आदेश को शून्य घोषित करना (अनुच्छेद 13(2))।
  • 2. मूल अधिकारों का संरक्षण: राज्य के मनमाने हस्तक्षेप के विरुद्ध नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों की रक्षा (अनुच्छेद 32 व 226)।
  • 3. संघीय संतुलन की सुरक्षा: केंद्र एवं राज्यों द्वारा एक-दूसरे के विधायी अधिकार क्षेत्रों में अतिक्रमण को रोकना तथा मूल ढांचे को अक्षुण्ण बनाए रखना।

In English (Question & Model Answer)

What are the three importances of Judicial Review?

Three Importances of Judicial Review (न्यायिक पुनरावलोकन का महत्व):

  • 1. Upholding Constitutional Supremacy: Invalidates any legislative act or executive order violating the Constitution (Article 13(2)).
  • 2. Safeguarding Fundamental Rights: Serves as a bulwark protecting individual liberties against state encroachment (Articles 32 and 226).
  • 3. Preserving Federal Equilibrium: Prevents encroachment by the Union on state legislative domains and vice versa, preserving the Basic Structure.
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