मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: राजनीति विज्ञान›इकाई-2 संस्थागत ढांचा एवं राजनीतिक गत्यात्मकता›भारतीय राजनीति में जाति, धर्म, वर्ग, नृजातीयता, भाषा एवं लिंग की भूमिका, भारतीय राजनीति में राजनीतिक दल एवं मतदान व्यवहार, सिविल सोसायटी एवं जन आंदोलन, राष्ट्रीय अखंडता तथा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे›स्वतन्त्रता के पश्चात भारत में कितने प्रकार की दलीय व्यवस्था देखी गयी

स्वतन्त्रता के पश्चात भारत में कितने प्रकार की दलीय व्यवस्था देखी गयी है?

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आदर्श उत्तर

स्वतंत्रता के बाद भारत में देखे गए दलीय प्रणाली (Party System) के तीन चरण:

  • 1. एक-दल प्रधान व्यवस्था ('कांग्रेस प्रणाली' - 1952 से 1989): रजनी कोठारी के अनुसार, बहुदलीय संरचना के भीतर कांग्रेस का निरंतर एकछत्र वर्चस्व।
  • 2. बहुदलीय गठबंधन प्रणाली (1989 से 2014): क्षेत्रीय दलों के निर्णायक प्रभाव वाली राष्ट्रीय गठबंधन सरकारें (NDA एवं UPA का दौर)।
  • 3. नवीन बहुदलीय प्रभावी दल व्यवस्था (2014 के पश्चात): एक प्रमुख राष्ट्रीय दल (BJP/NDA) के केंद्र में रहने वाली सशक्त चुनावी प्रणाली।

In English (Question & Model Answer)

How many types of Party System have been witnessed in India since independence?

Types of Party System Witnessed in India Since Independence (Rajni Kothari's Model):

  • 1. One-Party Dominant System ('Congress System' - 1952 to 1967/1989): Hegemony of Indian National Congress amidst multiple competitive parties.
  • 2. Multi-Party Coalition Era (1989 to 2014): Fragmented polity characterized by national coalitions (NDA, UPA) anchored by regional political forces.
  • 3. One-Party Centric Dominant System (Post-2014 / BJP Hegemony): Emergence of a dominant single-party majority leading a broader alliance (NDA).
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