मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›संधि एवं समास, मुहावरे एवं कहावतें›'यण्' संधि को एक उदाहरण सहित समझाइए।

'यण्' संधि को एक उदाहरण सहित समझाइए।

20233M
आदर्श उत्तर

यण् स्वर संधि की परिभाषा एवं सोदाहरण व्याख्या:

1. परिभाषा: जब ह्रस्व या दीर्घ 'इ/ई, उ/ऊ, ऋ' के बाद कोई भिन्न (विजातीय) स्वर आता है, तो इ/ई का 'य्', उ/ऊ का 'व्' तथा ऋ का 'र्' हो जाता है। इसे यण् स्वर संधि कहते हैं (इको यणचि)।

2. उदाहरण:

  • इ + अ = य्: यदि + अपि = यद्यपि
  • इ + आ = या: इति + आदि = इत्यादि
  • उ + अ = व्: अनु + अय = अन्वय / सु + आगत = स्वागत
  • ऋ + आ = रा: पितृ + आज्ञा = पित्राज्ञा

In English (Question & Model Answer)

'यण्' संधि को एक उदाहरण सहित समझाइए।

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.

यण् स्वर संधि की परिभाषा एवं सोदाहरण व्याख्या:

1. परिभाषा: जब ह्रस्व या दीर्घ 'इ/ई, उ/ऊ, ऋ' के बाद कोई भिन्न (विजातीय) स्वर आता है, तो इ/ई का 'य्', उ/ऊ का 'व्' तथा ऋ का 'र्' हो जाता है। इसे यण् स्वर संधि कहते हैं (इको यणचि)।

2. उदाहरण:

  • इ + अ = य्: यदि + अपि = यद्यपि
  • इ + आ = या: इति + आदि = इत्यादि
  • उ + अ = व्: अनु + अय = अन्वय / सु + आगत = स्वागत
  • ऋ + आ = रा: पितृ + आज्ञा = पित्राज्ञा
इस प्रश्न को संदर्भ में देखें →
निशुल्क एंड्रॉइड ऐप

स्टेट PYQ ऐप पर बेहतर अभ्यास करें

⚡ एरर डायरी · ⏱ मेन्स आंसर पेसर टाइमर · 📴 ऑफलाइन रिवीजन वॉल्ट

डाउनलोड करेंGoogle Play