'गुण' संधि को स्पष्ट कीजिए। पर 25 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
आदर्श उत्तर
गुण स्वर संधि की परिभाषा एवं नियम:
1. नियम: जब 'अ' या 'आ' के बाद ह्रस्व या दीर्घ 'इ/ई', 'उ/ऊ' अथवा 'ऋ' आए, तो दोनों के मेल से क्रमशः 'ए', 'ओ' और 'अर्' हो जाता है। इसे गुण स्वर संधि कहते हैं (आद्गुणः)।
2. उदाहरण:
- अ + इ = ए: नर + इन्द्र = नरेन्द्र
- आ + ई = ए: महा + ईश = महेश
- अ + उ = ओ: सूर्य + उदय = सूर्योदय
- आ + ऋ = अर्: महा + ऋषि = महर्षि
In English (Question & Model Answer)
'गुण' संधि को स्पष्ट कीजिए। पर 25 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
गुण स्वर संधि की परिभाषा एवं नियम:
1. नियम: जब 'अ' या 'आ' के बाद ह्रस्व या दीर्घ 'इ/ई', 'उ/ऊ' अथवा 'ऋ' आए, तो दोनों के मेल से क्रमशः 'ए', 'ओ' और 'अर्' हो जाता है। इसे गुण स्वर संधि कहते हैं (आद्गुणः)।
2. उदाहरण:
- अ + इ = ए: नर + इन्द्र = नरेन्द्र
- आ + ई = ए: महा + ईश = महेश
- अ + उ = ओ: सूर्य + उदय = सूर्योदय
- आ + ऋ = अर्: महा + ऋषि = महर्षि