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मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›रस एवं छंद›अलंकार से क्या तात्पर्य है?

अलंकार से क्या तात्पर्य है?

20233M
आदर्श उत्तर

अलंकार का तात्पर्य एवं स्वरूप:

1. तात्पर्य: 'अलंकार' शब्द 'अलम् + कार' से मिलकर बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ है—"आभूषण / गहना"। जिस प्रकार आभूषण नारी के शारीरिक सौंदर्य में वृद्धि करते हैं, उसी प्रकार काव्य के शोभाकारक धर्मों (तत्वों) को अलंकार कहते हैं ("काव्यशोभाकरान् धर्मान् अलंकारान् प्रचक्षते" — आचार्य दण्डी)।

2. प्रमुख भेद:

  • 1. शब्दालंकार: जहाँ शब्दों के विशिष्ट प्रयोग से चमत्कार उत्पन्न हो (उदा. अनुप्रास, यमक, श्लेष)।
  • 2. अर्थालंकार: जहाँ अर्थ के माध्यम से काव्य-सौंदर्य बढ़े (उदा. उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा)।
  • 3. उभयालंकार: जहाँ शब्द और अर्थ दोनों से चमत्कार उत्पन्न हो।

In English (Question & Model Answer)

अलंकार से क्या तात्पर्य है?

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.

अलंकार का तात्पर्य एवं स्वरूप:

1. तात्पर्य: 'अलंकार' शब्द 'अलम् + कार' से मिलकर बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ है—"आभूषण / गहना"। जिस प्रकार आभूषण नारी के शारीरिक सौंदर्य में वृद्धि करते हैं, उसी प्रकार काव्य के शोभाकारक धर्मों (तत्वों) को अलंकार कहते हैं ("काव्यशोभाकरान् धर्मान् अलंकारान् प्रचक्षते" — आचार्य दण्डी)।

2. प्रमुख भेद:

  • 1. शब्दालंकार: जहाँ शब्दों के विशिष्ट प्रयोग से चमत्कार उत्पन्न हो (उदा. अनुप्रास, यमक, श्लेष)।
  • 2. अर्थालंकार: जहाँ अर्थ के माध्यम से काव्य-सौंदर्य बढ़े (उदा. उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा)।
  • 3. उभयालंकार: जहाँ शब्द और अर्थ दोनों से चमत्कार उत्पन्न हो।
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