उत्प्रेक्षा अलंकार किसे कहते हैं?
आदर्श उत्तर
उत्प्रेक्षा अलंकार की परिभाषा एवं स्वरूप:
- परिभाषा: जहाँ गुण या धर्म की समानता के कारण उपमेय में उपमान की संभावना (कल्पना) व्यक्त की जाए, वहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार होता है (संभावनमथोत्प्रेक्षा प्रकृतस्य परात्मना)।
- वाचक शब्द: जनु, जानो, मनु, मानो, निश्चय, इव, मनहुँ, जनहुँ आदि।
- उदाहरण: "सोहत ओढ़े पीत पट स्याम सलोने गात। मनो नीलमणि सैल पर आतप पर्यो प्रभात॥"
In English (Question & Model Answer)
उत्प्रेक्षा अलंकार किसे कहते हैं?
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
उत्प्रेक्षा अलंकार की परिभाषा एवं स्वरूप:
- परिभाषा: जहाँ गुण या धर्म की समानता के कारण उपमेय में उपमान की संभावना (कल्पना) व्यक्त की जाए, वहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार होता है (संभावनमथोत्प्रेक्षा प्रकृतस्य परात्मना)।
- वाचक शब्द: जनु, जानो, मनु, मानो, निश्चय, इव, मनहुँ, जनहुँ आदि।
- उदाहरण: "सोहत ओढ़े पीत पट स्याम सलोने गात। मनो नीलमणि सैल पर आतप पर्यो प्रभात॥"