मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›संधि एवं समास, मुहावरे एवं कहावतें›'हाथ सुरमई बगल कतरनी' कहावत का अर्थ लिखिए।

'हाथ सुरमई बगल कतरनी' कहावत का अर्थ लिखिए।

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आदर्श उत्तर

'हाथ सुमरनी बगल कतरनी' (हाथ सुरमई बगल कतरनी) लोकोक्ति:

  • अर्थ: ऊपर से साधुता, धर्म और भलाई का दिखावा करना, किन्तु मन के भीतर दूसरों का अहित या ठगी करने का कपटपूर्ण भाव रखना (कथनी और करनी में दोहरापन / 'मुख में राम बगल में छुरी')।

In English (Question & Model Answer)

'हाथ सुरमई बगल कतरनी' कहावत का अर्थ लिखिए।

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.

'हाथ सुमरनी बगल कतरनी' (हाथ सुरमई बगल कतरनी) लोकोक्ति:

  • अर्थ: ऊपर से साधुता, धर्म और भलाई का दिखावा करना, किन्तु मन के भीतर दूसरों का अहित या ठगी करने का कपटपूर्ण भाव रखना (कथनी और करनी में दोहरापन / 'मुख में राम बगल में छुरी')।
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