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गद्यांश (अ): सब कुछ व्यर्थ हो जाने के मूल में क्या कारण है?

20234M
आदर्श उत्तर

उत्तर:

यदि देश के अगणित मनुष्य अज्ञान के अंधकार में डूबे रहें, उनके मनुष्यत्व के विकास के मार्ग अवरुद्ध हो जाएँ तथा वे अशिक्षा, अन्याय, अपमान और शोषण से संकुचित जीवन जीने को विवश हों, तो हमारा सब कुछ व्यर्थ हो जाएगा और ज्ञान-विज्ञान का प्रकाश हमसे सदा के लिए दूर हो जाएगा।

In English (Question & Model Answer)

गद्यांश (अ): सब कुछ व्यर्थ हो जाने के मूल में क्या कारण है?

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.

उत्तर:

यदि देश के अगणित मनुष्य अज्ञान के अंधकार में डूबे रहें, उनके मनुष्यत्व के विकास के मार्ग अवरुद्ध हो जाएँ तथा वे अशिक्षा, अन्याय, अपमान और शोषण से संकुचित जीवन जीने को विवश हों, तो हमारा सब कुछ व्यर्थ हो जाएगा और ज्ञान-विज्ञान का प्रकाश हमसे सदा के लिए दूर हो जाएगा।

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