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कौटिल्य के अनुसार दुर्ग के प्रकार क्या हैं?

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आदर्श उत्तर

कौटिल्य के अर्थशास्त्र (सप्तांग सिद्धांत) के अनुसार दुर्ग के चार प्रमुख प्रकार:

  • 1. औदक दुर्ग (Water Fort): चारों ओर जल/नदियों से घिरा हुआ सुरक्षित दुर्ग।
  • 2. पार्वत दुर्ग (Hill Fort): दुर्गम पर्वतों एवं शिलाओं पर स्थित सुरक्षात्मक दुर्ग।
  • 3. धान्वन दुर्ग (Desert Fort): मरुभूमि, जलहीन तथा शुष्क रेतीले क्षेत्र में स्थित दुर्ग।
  • 4. वन दुर्ग (Forest Fort): घने जंगलों, दलदलों एवं कंटीली झाड़ियों से घिरा दुर्ग।

In English (Question & Model Answer)

What are the types of forts according to Kautilya?

Types of Forts (दुर्ग) According to Kautilya's Arthashastra (Saptanga Theory):

  • 1. Audak Durg (औदक दुर्ग / Water Fort): Surrounded by deep water bodies/rivers.
  • 2. Parvat Durg (पर्वत दुर्ग / Hill Fort): Located on rocky, inaccessible mountains.
  • 3. Dhanvan Durg (धान्वन दुर्ग / Desert Fort): Surrounded by arid, waterless desert terrain.
  • 4. Van Durg (वन दुर्ग / Forest Fort): Enclosed by dense thorny forests and swamps.
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