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जनजातियों में बहुविवाह के कौन-से तीन प्रकार हैं?

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आदर्श उत्तर

जनजातियों में बहुविवाह (Polygamy) के तीन प्रमुख प्रकार:

  • 1. बहुपत्नी विवाह (Polygyny): एक पुरुष का एक से अधिक स्त्रियों से विवाह (गोंड व बैगा जनजाति में प्रचलित)।
  • 2. भ्रातृक बहुपति विवाह (Fraternal Polyandry): एक स्त्री का आपस में सगे भाइयों से विवाह (उदा. टोडा एवं जौनसारी जनजाति)।
  • 3. अभ्रातृक बहुपति विवाह (Non-Fraternal Polyandry): एक स्त्री का ऐसे पुरुषों से विवाह जो आपस में भाई न हों (उदा. नायर व खासी में ऐतिहासिक रूप से)।

In English (Question & Model Answer)

What are the three types of polygamy among tribes?

Three Types of Polygamy (बहुविवाह) Among Tribes:

  • 1. Polygyny (बहुपत्नी विवाह): One man marrying multiple women (Sororal/Non-sororal; common in Gond and Baiga tribes).
  • 2. Fraternal Polyandry (भ्रातृक बहुपति विवाह): One woman marrying multiple brothers (e.g., Toda of Nilgiris, Jaunsari of Uttarakhand).
  • 3. Non-Fraternal Polyandry (अभ्रातृक बहुपति विवाह): One woman marrying multiple unrelated husbands.
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