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सामान्यतः वर्ण कितने थे? जी० एस० घुरिये के अनुसार प्रारम्भ में दो वर्ण कौन-से थे?

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आदर्श उत्तर

वर्ण व्यवस्था एवं जी.एस. घुर्ये का विचार:

  • कुल वर्ण: चार वर्ण (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र)।
  • प्रारंभिक दो वर्ण (जी.एस. घुर्ये के अनुसार): प्रारंभिक ऋग्वैदिक काल में केवल दो मूल वर्ण थे:
    1. आर्य वर्ण (Arya Varna)
    2. दास / दस्यु वर्ण (Dasa Varna)।

In English (Question & Model Answer)

Generally how many Varnas were there? According to G. S. Ghurye, what were the two Varnas in the beginning?

Varnas & G.S. Ghurye's Perspective:

  • Total Varnas: Four (Brahmana, Kshatriya, Vaishya, Shudra).
  • Initial Two Varnas (According to Dr. G.S. Ghurye): In the early Rigvedic period, only two primary Varnas existed based on racial/cultural distinction:
    1. Arya Varna (आर्य वर्ण)
    2. Dasa / Dasyu Varna (दास / दस्यु वर्ण).
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