मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी›इकाई-1 भारतीय षड्दर्शन, दार्शनिक/विचारक, समाज सुधारक›भारतीय षड्दर्शन›भारतीय परम्परा में परार्थानुमान के पाँच अवयव बताइए।

भारतीय परम्परा में परार्थानुमान के पाँच अवयव बताइए।

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आदर्श उत्तर

चार्वाक दर्शन के अनुसार पुरुषार्थ:

  • चार्वाक केवल दो पुरुषार्थों को स्वीकार करता है: 'अर्थ' (साधन) और 'काम' (एकमात्र परम साध्य)।
  • यह धर्म और मोक्ष को काल्पनिक मानकर अस्वीकार करता है ("काम एवैकः पुरुषार्थः")।

In English (Question & Model Answer)

State the five elements of Parārthānumāna in Indian tradition.

Purusharthas According to Charvaka Philosophy:

  • Charvaka accepts only two Purusharthas: Artha (wealth as a means) and Kama (sensory pleasure as the supreme end).
  • It rejects Dharma and Moksha as unprovable/illusory ("Kama Evaika Purushartha").
इस प्रश्न को संदर्भ में देखें →
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