मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी›इकाई-1 भारतीय षड्दर्शन, दार्शनिक/विचारक, समाज सुधारक›महावीर, बुद्ध, आचार्य शंकर, चार्वाक, भर्तृहरि›चारवाक के अनुसार 'प्रत्यक्ष' को परिभाषित कीजिए। पर 20 शब्दों में

चारवाक के अनुसार 'प्रत्यक्ष' को परिभाषित कीजिए। पर 20 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

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आदर्श उत्तर

ऋग्वेद के अनुसार सृष्टि निर्माण का कारण:

  • ऋग्वेद के नासदीय सूक्त (10.129) के अनुसार सृष्टि का मूल कारण 'तप' एवं 'काम' (परम चेतना की प्रथम इच्छा - "कामस्तदग्रे समवर्तताधि") तथा हिरण्यगर्भ सूक्त के अनुसार 'प्रजापति/हिरण्यगर्भ' है।

In English (Question & Model Answer)

Write a short note on Define 'Perception' according to Chārvāka in 20 words.

Cause of Creation According to Rigveda:

  • According to the Nasadiya Sukta (10.129), creation arose from primal heat (Tapas) and divine desire/will (Kama - "Kamastadagre Samavartatadhi"); and as per Hiranyagarbha Sukta, through Prajapati (the Golden Womb).
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