मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र›खण्ड-अ: दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी›इकाई-1 भारतीय षड्दर्शन, दार्शनिक/विचारक, समाज सुधारक›महावीर, बुद्ध, आचार्य शंकर, चार्वाक, भर्तृहरि›आचार्य शंकर के अनुसार मुक्ति के प्रकार लिखिए।

आचार्य शंकर के अनुसार मुक्ति के प्रकार लिखिए।

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आदर्श उत्तर

जैन दर्शन के 'त्रिरत्न' (मोक्ष मार्ग):

  1. सम्यक् दर्शन: तीर्थंकरों व सत्य तत्वों में यथार्थ श्रद्धा।
  2. सम्यक् ज्ञान: संशय-रहित, सच्चा व यथार्थ ज्ञान।
  3. सम्यक् चरित्र: पंच महाव्रतों का आचरण व अशुभ कर्मों का त्याग।

In English (Question & Model Answer)

Write the kinds of Mukti according to Achārya Shankara.

Three Jewels (Triratna) in Jainism:

  1. Samyak Darshana (Right Faith): True belief in the Jain Tirthankaras and principles.
  2. Samyak Jnana (Right Knowledge): Flawless, doubt-free understanding of reality.
  3. Samyak Charitra (Right Conduct): Practicing the Five Great Vows and abstaining from evil actions.
इस प्रश्न को संदर्भ में देखें →
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