मानव समाज में अरुण पड़ा, जल जन्तु बीच हो वरुण पड़ा।
इस तरह भभकता राणा था, मानो सर्पों में गरुण पड़ा॥
इन पंक्तियों में कौन-सा रस है? उसके स्थायीभाव सहित लिखिए।
आदर्श उत्तर
रस एवं स्थायी भाव:
"मानव समाज में अरुण पड़ा, जल जन्तु बीच हो वरुण पड़ा।
इस तरह भभकता राणा था, मानो सर्पों में गरुण पड़ा॥"
- रस: वीर रस (महाराणा प्रताप के शौर्य एवं पराक्रम का वर्णन)
- स्थायी भाव: उत्साह
In English (Question & Model Answer)
मानव समाज में अरुण पड़ा, जल जन्तु बीच हो वरुण पड़ा।
इस तरह भभकता राणा था, मानो सर्पों में गरुण पड़ा॥
इन पंक्तियों में कौन-सा रस है? उसके स्थायीभाव सहित लिखिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
रस एवं स्थायी भाव:
"मानव समाज में अरुण पड़ा, जल जन्तु बीच हो वरुण पड़ा।
इस तरह भभकता राणा था, मानो सर्पों में गरुण पड़ा॥"
- रस: वीर रस (महाराणा प्रताप के शौर्य एवं पराक्रम का वर्णन)
- स्थायी भाव: उत्साह