मुख्य›MPPSC Mains (हिन्दी)›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण›रस एवं छंद›हे सारथे! है द्रोण क्या, आवें स्वयं देवेन्द्र भी। वे भी न जीतेंगे समर

हे सारथे! है द्रोण क्या, आवें स्वयं देवेन्द्र भी।
वे भी न जीतेंगे समर में आज क्या मुझसे कभी॥
इन पंक्तियों में कौन-सा संचारी भाव है?

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आदर्श उत्तर

संचारी भाव:

"हे सारथे! है द्रोण क्या, आवें स्वयं देवेन्द्र भी।
वे भी न जीतेंगे समर में आज क्या मुझसे कभी॥"

  • संचारी भाव: गर्व (अभिमन्यु का आत्म-विश्वास व गौरव) अथवा अमर्ष / औत्सुक्य।

In English (Question & Model Answer)

हे सारथे! है द्रोण क्या, आवें स्वयं देवेन्द्र भी।
वे भी न जीतेंगे समर में आज क्या मुझसे कभी॥
इन पंक्तियों में कौन-सा संचारी भाव है?

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.

संचारी भाव:

"हे सारथे! है द्रोण क्या, आवें स्वयं देवेन्द्र भी।
वे भी न जीतेंगे समर में आज क्या मुझसे कभी॥"

  • संचारी भाव: गर्व (अभिमन्यु का आत्म-विश्वास व गौरव) अथवा अमर्ष / औत्सुक्य।
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