मुख्य›एमपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा›प्रश्न पत्र 1: सामान्य अध्ययन›सामान्य अध्ययन›भारत एवं मध्यप्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था›राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक संवैधानिक/सांविधिक आयोग एवं संस्थाएँ›मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 का क्या उद्देश्य था?

मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 का क्या उद्देश्य था?

20152Mprelimsyear-2015p1
A.(A) मानव अधिकारों को बेहतर संरक्षण
B.(B) मानव अधिकार सुरक्षा आयोग का गठन
C.(C) राज्य में मानव अधिकार सुरक्षा आयोग का गठन
D.(D) उपर्युक्त सभीसही
व्याख्या एवं हल

सही उत्तर: (D) उपर्युक्त सभी

मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत अधिनियमित यह विधान सभी उल्लिखित उद्देश्यों को व्यापक रूप से पूर्ण करता है। यह मानव अधिकारों के बेहतर संरक्षण का प्रावधान करता है, राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) की स्थापना करता है, और तृणमूल स्तर पर इन अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए राज्य मानव अधिकार आयोगों (जैसे 1995 में स्थापित मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग) के गठन को अनिवार्य बनाता है।

In English (Question & Model Answer)

What was the objective of the Protection of Human Rights Act, 1993?

A.(A) Better protection to human rights
B.(B) To constitute Human Rights Protection Commission
C.(C) To establish Human Rights Protection Commission in the States
D.(D) All of the aboveCorrect

Correct Answer: (D) All of the above

Enacted under the Protection of Human Rights Act, 1993, this legislation comprehensively fulfills all the stated objectives. It provides for the better protection of human rights, establishes the National Human Rights Commission (NHRC) at the national level, and mandates the constitution of State Human Rights Commissions (such as the Madhya Pradesh Human Rights Commission, established in 1995) to secure these rights at the grassroots level.

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