मुख्य›एमपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा›प्रश्न पत्र 1: सामान्य अध्ययन›सामान्य अध्ययन›मध्यप्रदेश का इतिहास, संस्कृति एवं साहित्य›म.प्र. की प्रमुख जनजातियाँ एवं बोलियाँ›कौन-सी जनजाति 'लोहासुर' को अपना देवता मानती है?

कौन-सी जनजाति 'लोहासुर' को अपना देवता मानती है?

20162Mprelimsyear-2016p1
A.(A) गोंड
B.(B) भील
C.(C) कोरकू
D.(D) अगरियासही
व्याख्या एवं हल

सही उत्तर (D) अगरिया है।

मध्य प्रदेश में पाई जाने वाली गोंड जनजाति की एक उप-जाति, अगरिया, पारंपरिक रूप से लौह प्रद्रावक (iron smelters) हैं। वे लोहासुर को अपने प्रधान देवता के रूप में पूजते हैं, जिनका निवास स्थान वे ज्वलंत लौह भट्टियों को मानते हैं। अन्य विकल्प त्रुटिपूर्ण हैं क्योंकि:

  • गोंड मुख्य रूप से बूढ़ा देव और दूल्हा देव की उपासना करते हैं।
  • भील राजा पंथा को अपना सर्वोच्च आराध्य मानते हैं।
  • कोरकू जनजाति पारंपरिक रूप से महादेव और चंद्रसेन की आराधना करती है।

अगरिया समुदाय की धार्मिक पहचान उनके पैतृक व्यवसाय और लौह देव के प्रति विशिष्ट निष्ठा द्वारा अद्वितीय रूप से परिभाषित है।

In English (Question & Model Answer)

Which tribe worships 'Lohasur' as their deity?

A.(A) Gond
B.(B) Bhil
C.(C) Korku
D.(D) AgariyaCorrect

The correct answer is (D) Agariya.

The Agariya, a sub-tribe of the Gonds found in Madhya Pradesh, are traditional iron smelters. They worship Lohasur as their chief deity, believing he resides in burning iron furnaces. Other options are incorrect because:

  • Gonds primarily worship Bura Dev and Dulha Dev.
  • Bhils revere Raja Pantha as their supreme deity.
  • Korku tribes traditionally worship Mahadev and Chandrasen.

The Agariya's religious identity is uniquely defined by their ancestral occupation and specific devotion to the god of iron.

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