मुख्य›एमपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा›प्रश्न पत्र 2: सामान्य अभिरुचि परीक्षण (CSAT)›सामान्य अभिरुचि›हिन्दी भाषा में बोधगम्यता कौशल›10वीं कक्षा स्तर की हिन्दी व्याकरण, मुहावरे, लोकोक्तियाँ एवं बोधगम्यता›किनके परिताप वचनों पर लक्ष्मण में उग्रता दिखाई पड़ती है ?

किनके परिताप वचनों पर लक्ष्मण में उग्रता दिखाई पड़ती है ?

20242Mprelimsyear-2024p2
A.(A) राम
B.(B) रावण
C.(C) कुंभकर्ण
D.(D) जनकसही
व्याख्या एवं हल

सही उत्तर (D) जनक है।

धनुष यज्ञ प्रसंग:

  • जब सभा में धनुष न टूटने पर राजा जनक निराश होकर परिताप भरे वचन कहते हैं कि "वीर विहीन मही मैं जानी", तो रघुवंश के गौरव पर आघात मानकर लक्ष्मण में तीव्र उग्रता और रोष प्रकट होता है।

In English (Question & Model Answer)

Whose grieved words evoke fierceness in Lakshman?

A.(A) Ram
B.(B) Ravana
C.(C) Kumbhakarna
D.(D) JanakaCorrect

The correct answer is (D) Janaka.

Epic narrative context:

  • When all assembled princes fail to string the Shiva bow and King Janaka expresses deep sorrow and laments that "the Earth has become devoid of brave warriors" (वीर विहीन मही मैं जानी), Lakshman reacts fiercely to Janaka's despairing words, defending the honor of the Raghuvanshis.
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