मुख्य›एमपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा›प्रश्न पत्र 1: सामान्य अध्ययन›सामान्य अध्ययन›भारत एवं मध्यप्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था›राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक संवैधानिक/सांविधिक आयोग एवं संस्थाएँ›तारकुण्डे समिति का गठन किस उद्देश्य से किया गया था ?

तारकुण्डे समिति का गठन किस उद्देश्य से किया गया था ?

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A.(A) चुनाव सुधारसही
B.(B) पंचायती राज में सुधार
C.(C) जिला प्रशासन में सुधार
D.(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
व्याख्या एवं हल

सही उत्तर: (A) चुनावी सुधारों के लिए

तारकुंडे समिति, जिसे औपचारिक रूप से चुनावी सुधार समिति के रूप में जाना जाता है, की नियुक्ति वर्ष 1974 में जयप्रकाश नारायण द्वारा भारतीय चुनावी प्रणाली को शुद्ध करने हेतु व्यापक उपायों का अध्ययन करने और उनकी अनुशंसा करने के लिए की गई थी। प्रमुख अनुशंसाओं में मतदान की आयु को घटाकर 21 वर्ष करना (जिसे बाद में लागू किया गया) और चुनावी व्यय की अधिकतम सीमा तय करना शामिल था। पंचायती राज (उदाहरणार्थ, बलवंत राय मेहता समिति) या जिला प्रशासन से संबंधित अन्य विकल्प इस संदर्भ में तथ्यात्मक रूप से असत्य हैं।

In English (Question & Model Answer)

Why the Tarkunde Committee was constituted?

A.(A) For election reformsCorrect
B.(B) For improvement of Panchayati Raj
C.(C) For reforms in district administration
D.(D) None of the above

Correct Answer: (A) For election reforms

The Tarkunde Committee, formally known are the Committee on Electoral Reform, was appointed in 1974 by Jayaprakash Narayan to study and recommend comprehensive measures to purify the Indian electoral system. Key recommendations included lowering the voting age to 21 (later implemented) and capping election expenses. Other options regarding Panchayati Raj (e.g., Balwant Rai Mehta Committee) or district administration are factually incorrect in this context.

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