मुख्य›संघ लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा›प्रश्न पत्र 1: सामान्य अध्ययन›सामान्य अध्ययन›आर्थिक और सामाजिक विकास - सतत विकास, गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहल आदि›भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, “संपार्श्विक उधार लेन-देन संबंधी

भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, “संपार्श्विक उधार लेन-देन संबंधी दायित्व” निम्नलिखित में से किसके लिखत (इंस्ट्रूमेंट) हैं ?

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A.(a) बॉन्ड बाज़ार
B.(b) विदेशी मुद्रा बाज़ार
C.(c) मुद्रा बाज़ारसही
D.(d) शेयर (स्टॉक) बाज़ार
व्याख्या एवं हल

सही उत्तर: (c) मुद्रा बाज़ार

संपार्श्विक उधार लेन-देन संबंधी दायित्व (CBLO) मुद्रा बाज़ार के लिखत (इंस्ट्रूमेंट) थे जिनका उपयोग भारत के मुद्रा बाज़ार में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, वित्तीय संस्थानों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के बीच अल्पकालिक, संपार्श्विक ऋण और उधार के लिए किया जाता था।

In English (Question & Model Answer)

With reference to the Indian economy, "Collateral Borrowing and Lending Obligations" are the instruments of:

A.(a) Bond market
B.(b) Forex market
C.(c) Money marketCorrect
D.(d) Stock market

Correct Option: (c) Money market

Collateral Borrowing and Lending Obligations (CBLO) were money market instruments (replaced later by Tri-party Repo) used for short-term, collateralised lending and borrowing among scheduled commercial banks, financial institutions, and corporate entities in India's money market.

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