मुख्य›संघ लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा›प्रश्न पत्र 1: सामान्य अध्ययन›सामान्य अध्ययन›भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन›भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का लाहौर सत्र (1929) इतिहास में बहुत

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का लाहौर सत्र (1929) इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि
1. कांग्रेस ने पूर्ण स्वतंत्रता की मांग करने वाला प्रस्ताव पारित किया।
2. चरमपंथियों और मध्यस्थों के बीच का मतभेद उस सत्र में सुलझ गया।
3. उस सत्र में दो-राष्ट्र सिद्धांत को अस्वीकार करने वाला प्रस्ताव पारित किया गया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/सही है/सही हैं?

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A.१ केवलसही
B.केवल 2 और 3
C.केवल 1 और 3
D.उपर्युक्त में से कोई नहीं
व्याख्या एवं हल

सही उत्तर: (A) १ केवल

1929 के लाहौर सत्र में, कांग्रेस ने पूर्ण स्वतंत्रता (पूर्ण स्वराज) की मांग करने वाला प्रस्ताव पारित किया। उग्रवादियों और मध्यमपंथियों के बीच विवाद 1916 में पहले ही सुलझा लिया गया था। इस सत्र में दो-राष्ट्र सिद्धांत को अस्वीकार करने वाला कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया था।

In English (Question & Model Answer)

The Lahore Session of the Indian National Congress (1929) is very important in history, because\n1. The Congress passed a resolution demanding complete independence.\n2. The rift between the extremists and moderates was resolved in that Session.\n3. A resolution was passed rejecting the two-nation theory in that Session.\nWhich of the statement(s) given above is/are correct?

A.1 onlyCorrect
B.2 and 3 only
C.1 and 3 only
D.None of the above

Correct Option: (A) 1 only

In the 1929 Lahore Session, the Congress passed a resolution demanding complete independence (Purna Swaraj). The rift between extremists and moderates was resolved earlier in 1916. There was no resolution passed rejecting the two-nation theory in this session.

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