भारत में प्रत्यावर्ती धारा (AC) आपूर्ति की आवृत्ति होती है
पाठ्यक्रम इकाई के अनुसार पिछले वर्षों के प्रश्न।
भारत में प्रत्यावर्ती धारा (AC) आपूर्ति की आवृत्ति होती है
धारा के चुंबकीय प्रभाव की खोज की थी
10 A की धारा प्रवाहित करने वाला और 200 cm लम्बाई वाला एक तार 0.5 T फ्लक्स घनत्व वाले चुम्बकीय क्षेत्र में रखा गया है। यदि तार को क्षेत्र से 30° कोण पर रखा जाए तो उस पर कितना बल लगेगा?
एक प्रत्यावर्ती धारा I = 4 sin(200 t) एम्पीयर समय t सेकंड के साथ बदलती रहती है। r.m.s. धारा और आवृत्ति के मान हैं
ट्रांसफार्मर कोर के सामग्री के चयन के लिए मूलभूत आवश्यकताएं हैं
एक पहिया जिसमें 0.5 मीटर लम्बे 10 धात्विक स्पोक है, को 120 चक्र प्रति मिनट की दर से घुमाया जाता है। पहिए का घूर्णन तल उस स्थान पर पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के क्षैतिज घटक HE के अभिलंबवत है। उस स्थान पर यदि HE = 4 × 10⁻⁵ T है, तो पहिए की धुरी तथा रिम के मध्य स्थापित प्रेरित विद्युत वाहक बल पर क्या प्रभाव होगा यदि इसी पहिए में दोगुने धात्विक स्पोक हो जाएँ ?
दीवार में एक जिन्दा तार छुपा हुआ है । इसके स्थान को देखा जा सकता है
दिष्ट धारा की आवृत्ति होती है
फैराडे के नियमानुसार, एक चालक, जिसको चुम्बकीय क्षेत्र में चलाया जाता है, पर प्रेरित कुल आवेश निर्भर करता है :
एक लम्बे, सीधे धारावाही चालक से x दूरी पर चुम्बकीय क्षेत्र का मान अनुक्रमानुपाती होगा
लेंज का नियम, __________ संरक्षण के नियम का ही परिणाम है ।
फैराडे के नियमानुसार, जब एक चालक को चुम्बकीय क्षेत्र में चलाया जाता है, उस पर प्रेरित कुल आवेश निर्भर करता है
लेंज़ का नियम किसके संरक्षण का परिणाम है ?
एक ए.सी. जनित्र कोऑइल(कुंडली) 50 चक्कर तथा 2.5m² क्षेत्रफल से बना है। 60 rad s⁻¹ की कोणीय गति से समान चुम्बकीय क्षेत्र B=0.3 T में दो स्थायी पोल के बीच में घूम रहा है। परिपथ का प्रतिरोध कोऑइल(कुंडली) को मिलाकर 500 Ω है। जनित्र से अधिकतम कितनी विद्युत धारा तैयार होगी: