नाभिकीय ऊर्जा, नाभिकीय विखंडन, संलयन, श्रृंखला अभिक्रिया, नाभिकीय रिएक्टर, नाभिकीय ऊर्जा के लाभ व हानियां, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के संबंध में सामान्य जानकारी
पाठ्यक्रम इकाई के अनुसार पिछले वर्षों के प्रश्न।
दो ड्यूट्रॉन संलयित होकर एक ट्राइटॉन व एक प्रोटॉन का निर्माण करते हैं। इस नाभिकीय अभिक्रिया में ऊर्जा उत्पन्न होगी (ड्यूट्रॉन, ट्राइटॉन व प्रोटॉन की संहत्तियाँ क्रमशः होंगे 2.014102 u, 3.016049 u तथा 1.007825 u)
एक ²³⁵U नाभिक के विखंडन में लगभग 200 MeV ऊर्जा विमुक्त होती है। यदि 50 कि.ग्रा. ²³⁵U का प्रत्येक नाभिक विखंडित हो जाए, तो लगभग ऊर्जा प्राप्त होगी
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