परिपत्र एवं अनुस्मारक का अन्तर स्पष्ट करते हुए दोनों के एक-एक प्रारूप प्रस्तुत कीजिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
परिपत्र (Circular) एवं अनुस्मारक (Reminder) में मुख्य अंतर:
| आधार | परिपत्र (Circular) | अनुस्मारक (Reminder) |
|---|---|---|
| उद्देश्य | एक ही सूचना/निर्देश को अनेक अधीनस्थ विभागों को एक साथ भेजना। | पूर्व प्रेषित पत्र पर समय-सीमा में उत्तर न मिलने पर याद दिलाना। |
| प्रेषिती संख्या | यह बहु-प्रेषिती पत्र होता है। | यह सामान्यतः एकल प्रेषिती पत्र होता है। |
| संदर्भ | यह स्वतंत्र नया निर्देश हो सकता है। | इसमें पूर्व पत्र की पत्रांक संख्या व दिनांक का संदर्भ अनिवार्य होता है। |
1. परिपत्र का संक्षिप्त प्रारूप:
मध्य प्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, भोपाल
क्रमांक: एफ-1/2015/सा.प्र.वि. | दिनांक: 10 जनवरी, 2015
प्रति: समस्त विभागाध्यक्ष / समस्त जिला कलेक्टर, मध्य प्रदेश।
विषय: कार्यालयीन समय की पाबंदी बावत् परिपत्र।
निर्देशित किया जाता है कि समस्त अधिकारी/कर्मचारी प्रातः 10:00 बजे बायोमीट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करें।
(हस्ताक्षर) प्रमुख सचिव
2. अनुस्मारक का संक्षिप्त प्रारूप:
कार्यालय संभागीय आयुक्त, रीवा संभाग (म.प्र.)
क्रमांक: 204/अनुस्मारक/2015 | दिनांक: 15 मार्च, 2015
प्रति: जिला कलेक्टर, सीधी (म.प्र.)।
विषय: सूखा राहत कार्य प्रगति प्रतिवेदन प्रेषण बावत् (प्रथम अनुस्मारक)।
संदर्भ: इस कार्यालय का पत्र क्रमांक 85/सूखा/2015 दिनांक 15 जनवरी, 2015।
महोदय, कृपया संदर्भित पत्र का अवलोकन करने का कष्ट करें जिसके द्वारा चाही गई जानकारी अद्यावधि अप्राप्त है। कृपया वांछित जानकारी 3 दिवस में प्रेषित करें।
(हस्ताक्षर) संभागीय आयुक्त
हिंदी में प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
परिपत्र एवं अनुस्मारक का अन्तर स्पष्ट करते हुए दोनों के एक-एक प्रारूप प्रस्तुत कीजिए।
परिपत्र (Circular) एवं अनुस्मारक (Reminder) में मुख्य अंतर:
| आधार | परिपत्र (Circular) | अनुस्मारक (Reminder) |
|---|---|---|
| उद्देश्य | एक ही सूचना/निर्देश को अनेक अधीनस्थ विभागों को एक साथ भेजना। | पूर्व प्रेषित पत्र पर समय-सीमा में उत्तर न मिलने पर याद दिलाना। |
| प्रेषिती संख्या | यह बहु-प्रेषिती पत्र होता है। | यह सामान्यतः एकल प्रेषिती पत्र होता है। |
| संदर्भ | यह स्वतंत्र नया निर्देश हो सकता है। | इसमें पूर्व पत्र की पत्रांक संख्या व दिनांक का संदर्भ अनिवार्य होता है। |
1. परिपत्र का संक्षिप्त प्रारूप:
मध्य प्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, भोपाल
क्रमांक: एफ-1/2015/सा.प्र.वि. | दिनांक: 10 जनवरी, 2015
प्रति: समस्त विभागाध्यक्ष / समस्त जिला कलेक्टर, मध्य प्रदेश।
विषय: कार्यालयीन समय की पाबंदी बावत् परिपत्र।
निर्देशित किया जाता है कि समस्त अधिकारी/कर्मचारी प्रातः 10:00 बजे बायोमीट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करें।
(हस्ताक्षर) प्रमुख सचिव
2. अनुस्मारक का संक्षिप्त प्रारूप:
कार्यालय संभागीय आयुक्त, रीवा संभाग (म.प्र.)
क्रमांक: 204/अनुस्मारक/2015 | दिनांक: 15 मार्च, 2015
प्रति: जिला कलेक्टर, सीधी (म.प्र.)।
विषय: सूखा राहत कार्य प्रगति प्रतिवेदन प्रेषण बावत् (प्रथम अनुस्मारक)।
संदर्भ: इस कार्यालय का पत्र क्रमांक 85/सूखा/2015 दिनांक 15 जनवरी, 2015।
महोदय, कृपया संदर्भित पत्र का अवलोकन करने का कष्ट करें जिसके द्वारा चाही गई जानकारी अद्यावधि अप्राप्त है। कृपया वांछित जानकारी 3 दिवस में प्रेषित करें।
(हस्ताक्षर) संभागीय आयुक्त