Home›MPPSC Mains (Eng)›General Hindi & Grammar›General Hindi & Grammar›Translation (40 marks)›आज राष्ट्र में विभिन्न प्रकार की बुराइयाँ हैं। रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार

आज राष्ट्र में विभिन्न प्रकार की बुराइयाँ हैं। रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और अनाचार का चारों ओर बोलबाला है। इस गंदी दलदल में सामान्य व्यक्ति ही नहीं, बल्कि बड़े से बड़े शासनाधिकारी तक फँसे हुए हैं। इन बुराइयों का अंत करना आवश्यक है। हम अपने विद्यार्थियों से निवेदन करना चाहते हैं कि यह काम विध्वंसात्मक कार्यों से नहीं बल्कि रचनात्मक योग्यताओं से ही पूरा हो पाएगा। जहाँ तक संभव हो सके, विद्यार्थियों को राजनीति के कुचक्र में फँसकर अपनी शिक्षा में बाधा नहीं डालनी चाहिए। विद्या और ज्ञान व्यक्ति की पूँजी हैं। उन्हें खोकर व्यक्ति ठोकरें खाने के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं पा सकता।

201620M
Model Answer

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.

हिन्दी से अंग्रेजी अनुवाद (Hindi to English Passage Translation):

मूल अवतरण:
"आज राष्ट्र में विभिन्न प्रकार की बुराइयाँ हैं। रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता हमारे सामाजिक जीवन को खोखला कर रहे हैं। इन बुराइयों को दूर करने के लिए केवल कानून पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जनता में नैतिक जागृति और चारित्रिक दृढ़ता की आवश्यकता है। प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना होगा।"

मानक अंग्रेजी अनुवाद:
"Today there are various kinds of evils in the nation. Bribery, corruption and indiscipline are hollowing out our social life. Laws alone are not sufficient to eradicate these evils; rather, moral awakening and strength of character among the public are required. Every citizen must remain vigilant towards their duties."

हिंदी में प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

आज राष्ट्र में विभिन्न प्रकार की बुराइयाँ हैं। रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और अनाचार का चारों ओर बोलबाला है। इस गंदी दलदल में सामान्य व्यक्ति ही नहीं, बल्कि बड़े से बड़े शासनाधिकारी तक फँसे हुए हैं। इन बुराइयों का अंत करना आवश्यक है। हम अपने विद्यार्थियों से निवेदन करना चाहते हैं कि यह काम विध्वंसात्मक कार्यों से नहीं बल्कि रचनात्मक योग्यताओं से ही पूरा हो पाएगा। जहाँ तक संभव हो सके, विद्यार्थियों को राजनीति के कुचक्र में फँसकर अपनी शिक्षा में बाधा नहीं डालनी चाहिए। विद्या और ज्ञान व्यक्ति की पूँजी हैं। उन्हें खोकर व्यक्ति ठोकरें खाने के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं पा सकता।

हिन्दी से अंग्रेजी अनुवाद (Hindi to English Passage Translation):

मूल अवतरण:
"आज राष्ट्र में विभिन्न प्रकार की बुराइयाँ हैं। रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता हमारे सामाजिक जीवन को खोखला कर रहे हैं। इन बुराइयों को दूर करने के लिए केवल कानून पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जनता में नैतिक जागृति और चारित्रिक दृढ़ता की आवश्यकता है। प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना होगा।"

मानक अंग्रेजी अनुवाद:
"Today there are various kinds of evils in the nation. Bribery, corruption and indiscipline are hollowing out our social life. Laws alone are not sufficient to eradicate these evils; rather, moral awakening and strength of character among the public are required. Every citizen must remain vigilant towards their duties."

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