ग्रामोद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए जनता की भागीदारी की आवश्यकता तथा ग्रामोद्योग-उत्पादों को जनता के बीच अधिकाधिक उपयोग में लाने के संबंध में राज्य के पंचायतों को राज्य-सचिवालय से भेजे जाने वाले परिपत्र का प्रारूप प्रस्तुत कीजिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
शासकीय पत्र का मानक प्रशासनिक प्रारूप:
मध्य प्रदेश शासन
कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
क्रमांक: एफ-8/14/2017/कु.ग्रा.वि. दिनांक: 18 सितम्बर, 2017
प्रति,
समस्त जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी,
मध्य प्रदेश।
विषय: ग्रामीण क्षेत्रों में खादी एवं ग्रामोद्योगों को बढ़ावा देने हेतु जन-भागीदारी एवं वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने बावत्।
महोदय,
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्वावलंबी बनाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करने तथा पारंपरिक शिल्पकारों के कौशल उन्नयन हेतु शासन द्वारा ग्रामोद्योग संवर्धन योजना लागू की गई है। इस दिशा में निम्नलिखित निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए:
- प्रत्येक विकासखंड स्तर पर ग्रामोद्योग मेलों एवं कार्यशालाओं का आयोजन कर स्व-सहायता समूहों (SHGs) को ग्रामोद्योगी गतिविधियों से जोड़ा जाए।
- 'प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)' एवं 'मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना' के तहत खादी, हथकरघा, माटी-कला एवं काष्ठ-शिल्प से जुड़े ग्रामीण युवाओं के ऋण प्रकरण प्राथमिकता से स्वीकृत कराए जाएँ।
- उत्पादित ग्रामीण वस्तुओं के विपणन हेतु जिला मुख्यालयों पर 'मृगनयनी' एवं ग्रामीण हाट-बाजारों में विशेष विक्रय स्टॉल उपलब्ध कराए जाएँ।
(हस्ताक्षर)
(के. पी. सिंह)
प्रमुख सचिव
मध्य प्रदेश शासन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग
हिंदी में प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
ग्रामोद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए जनता की भागीदारी की आवश्यकता तथा ग्रामोद्योग-उत्पादों को जनता के बीच अधिकाधिक उपयोग में लाने के संबंध में राज्य के पंचायतों को राज्य-सचिवालय से भेजे जाने वाले परिपत्र का प्रारूप प्रस्तुत कीजिए।
शासकीय पत्र का मानक प्रशासनिक प्रारूप:
मध्य प्रदेश शासन
कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
क्रमांक: एफ-8/14/2017/कु.ग्रा.वि. दिनांक: 18 सितम्बर, 2017
प्रति,
समस्त जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी,
मध्य प्रदेश।
विषय: ग्रामीण क्षेत्रों में खादी एवं ग्रामोद्योगों को बढ़ावा देने हेतु जन-भागीदारी एवं वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने बावत्।
महोदय,
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्वावलंबी बनाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करने तथा पारंपरिक शिल्पकारों के कौशल उन्नयन हेतु शासन द्वारा ग्रामोद्योग संवर्धन योजना लागू की गई है। इस दिशा में निम्नलिखित निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए:
- प्रत्येक विकासखंड स्तर पर ग्रामोद्योग मेलों एवं कार्यशालाओं का आयोजन कर स्व-सहायता समूहों (SHGs) को ग्रामोद्योगी गतिविधियों से जोड़ा जाए।
- 'प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)' एवं 'मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना' के तहत खादी, हथकरघा, माटी-कला एवं काष्ठ-शिल्प से जुड़े ग्रामीण युवाओं के ऋण प्रकरण प्राथमिकता से स्वीकृत कराए जाएँ।
- उत्पादित ग्रामीण वस्तुओं के विपणन हेतु जिला मुख्यालयों पर 'मृगनयनी' एवं ग्रामीण हाट-बाजारों में विशेष विक्रय स्टॉल उपलब्ध कराए जाएँ।
(हस्ताक्षर)
(के. पी. सिंह)
प्रमुख सचिव
मध्य प्रदेश शासन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग