Home›MPPSC Mains (Eng)›Hindi Essay & Draft Writing›Hindi Essay & Draft Writing›Second Essay (20 marks)›निम्नलिखित विषय पर लगभग 250 शब्दों में निबंध लिखिए : "मीडिया और

निम्नलिखित विषय पर लगभग 250 शब्दों में निबंध लिखिए : "मीडिया और हिन्दी का प्रसार"

201725M
Model Answer

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 6 (Hindi Essay and Administrative Drafting / हिन्दी निबंध एवं प्रारूप लेखन) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script) by all candidates regardless of their opted medium for GS1–GS4. Answers written in English are not evaluated in the actual examination. The authentic Hindi model answer is provided below for your preparation.

मीडिया और हिन्दी का प्रसार: प्रिंट पत्रकारिता, इलेक्ट्रॉनिक क्रांति, सिनेमा एवं डिजिटल युग में वैश्विक विस्तार

"मीडिया ने हिन्दी को पोथियों और अकादमिक बहसों के संकीर्ण दायरे से बाहर निकालकर उसे 140 करोड़ भारतीयों के जन-संवाद की जीवंत धड़कन और अंतरराष्ट्रीय बाजार की भाषा बना दिया है।"

1. प्रस्तावना एवं मीडिया की केंद्रीय भूमिका:
आधुनिक युग में मीडिया (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल) हिन्दी भाषा के अखिल भारतीय और वैश्विक प्रचार-प्रसार का सबसे बड़ा संवाहक और उत्प्रेरक बनकर उभरा है। मीडिया ने हिन्दी के स्वरूप को सरल, व्यावहारिक और प्रवाहपूर्ण बनाकर उसे वास्तविक अर्थों में 'लोकभाषा' और देश की सर्वमान्य 'संपर्क-भाषा' (Link Language) के रूप में स्थापित किया है।

2. विभिन्न माध्यमों द्वारा हिन्दी के प्रसार के प्रमुख चरण:

  • 1. प्रिंट मीडिया (समाचार पत्र-पत्रिकाएँ): 'उदन्त मार्तण्ड' (1826) से प्रारंभ होकर आज दैनिक भास्कर, अमर उजाला, पत्रिका जैसे हिन्दी समाचार पत्रों की प्रसार संख्या देश में अंग्रेजी से कहीं अधिक है, जिसने ग्रामीण व कस्बाई क्षेत्रों में हिन्दी साक्षरता को व्यापक बनाया।
  • 2. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (टीवी न्यूज व रेडियो): 24x7 चलने वाले राष्ट्रीय टीवी समाचार चैनलों और 'आकाशवाणी/विविध भारती' ने दक्षिण और पूर्वोत्तर के अहिंदी भाषी राज्यों में भी बोलचाल की सहज हिन्दी को घर-घर पहुँचाया।
  • 3. भारतीय सिनेमा (बॉलीवुड) एवं संगीत: फिल्मों और गीतों ने बिना किसी सरकारी दबाव के देश और दुनिया (मध्य पूर्व, रूस, अफ्रीका) में करोड़ों लोगों को हिन्दी बोलना और समझना सिखाया।
  • 4. डिजिटल क्रांति एवं ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स: यूट्यूब, सोशल मीडिया और वेब सीरीज (नेटफ्लिक्स, प्राइम) ने हिन्दी कंटेंट की वैश्विक मांग को अप्रत्याशित रूप से बढ़ाया है, जिससे हिन्दी इंटरनेट पर सबसे तेजी से बढ़ती वाणिज्यिक भाषा बन गई है।

3. चुनौतियाँ:
'हिंग्लिश' (Hinglish) के अत्यधिक प्रयोग और भाषाई अशुद्धियों से बचते हुए हिन्दी के व्याकरणिक सौंदर्य और मौलिकता को बचाए रखना मीडिया का दायित्व है।

4. निष्कर्ष:
मीडिया ने हिन्दी को एक समृद्ध, गतिशील और वैश्विक भाषा के रूप में प्रतिष्ठित किया है। 'भाषिणी' AI मंच और गुणवत्तापूर्ण डिजिटल मीडिया के सहयोग से हिन्दी वैश्विक पटल पर और अधिक सशक्त होगी, जो 'विकसित भारत @2047' के भाषाई स्वाभिमान का स्वर्णिम आधार है।

हिंदी में प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

निम्नलिखित विषय पर लगभग 250 शब्दों में निबंध लिखिए : "मीडिया और हिन्दी का प्रसार"

मीडिया और हिन्दी का प्रसार: प्रिंट पत्रकारिता, इलेक्ट्रॉनिक क्रांति, सिनेमा एवं डिजिटल युग में वैश्विक विस्तार

"मीडिया ने हिन्दी को पोथियों और अकादमिक बहसों के संकीर्ण दायरे से बाहर निकालकर उसे 140 करोड़ भारतीयों के जन-संवाद की जीवंत धड़कन और अंतरराष्ट्रीय बाजार की भाषा बना दिया है।"

1. प्रस्तावना एवं मीडिया की केंद्रीय भूमिका:
आधुनिक युग में मीडिया (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल) हिन्दी भाषा के अखिल भारतीय और वैश्विक प्रचार-प्रसार का सबसे बड़ा संवाहक और उत्प्रेरक बनकर उभरा है। मीडिया ने हिन्दी के स्वरूप को सरल, व्यावहारिक और प्रवाहपूर्ण बनाकर उसे वास्तविक अर्थों में 'लोकभाषा' और देश की सर्वमान्य 'संपर्क-भाषा' (Link Language) के रूप में स्थापित किया है।

2. विभिन्न माध्यमों द्वारा हिन्दी के प्रसार के प्रमुख चरण:

  • 1. प्रिंट मीडिया (समाचार पत्र-पत्रिकाएँ): 'उदन्त मार्तण्ड' (1826) से प्रारंभ होकर आज दैनिक भास्कर, अमर उजाला, पत्रिका जैसे हिन्दी समाचार पत्रों की प्रसार संख्या देश में अंग्रेजी से कहीं अधिक है, जिसने ग्रामीण व कस्बाई क्षेत्रों में हिन्दी साक्षरता को व्यापक बनाया।
  • 2. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (टीवी न्यूज व रेडियो): 24x7 चलने वाले राष्ट्रीय टीवी समाचार चैनलों और 'आकाशवाणी/विविध भारती' ने दक्षिण और पूर्वोत्तर के अहिंदी भाषी राज्यों में भी बोलचाल की सहज हिन्दी को घर-घर पहुँचाया।
  • 3. भारतीय सिनेमा (बॉलीवुड) एवं संगीत: फिल्मों और गीतों ने बिना किसी सरकारी दबाव के देश और दुनिया (मध्य पूर्व, रूस, अफ्रीका) में करोड़ों लोगों को हिन्दी बोलना और समझना सिखाया।
  • 4. डिजिटल क्रांति एवं ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स: यूट्यूब, सोशल मीडिया और वेब सीरीज (नेटफ्लिक्स, प्राइम) ने हिन्दी कंटेंट की वैश्विक मांग को अप्रत्याशित रूप से बढ़ाया है, जिससे हिन्दी इंटरनेट पर सबसे तेजी से बढ़ती वाणिज्यिक भाषा बन गई है।

3. चुनौतियाँ:
'हिंग्लिश' (Hinglish) के अत्यधिक प्रयोग और भाषाई अशुद्धियों से बचते हुए हिन्दी के व्याकरणिक सौंदर्य और मौलिकता को बचाए रखना मीडिया का दायित्व है।

4. निष्कर्ष:
मीडिया ने हिन्दी को एक समृद्ध, गतिशील और वैश्विक भाषा के रूप में प्रतिष्ठित किया है। 'भाषिणी' AI मंच और गुणवत्तापूर्ण डिजिटल मीडिया के सहयोग से हिन्दी वैश्विक पटल पर और अधिक सशक्त होगी, जो 'विकसित भारत @2047' के भाषाई स्वाभिमान का स्वर्णिम आधार है।

See this question in context →
Free Android App

Practice Better on the StatePYQ Mobile App

⚡ Error Diary · ⏱ Timed Mains Answer Pacer · 📴 Offline Revision Vault

Get it onGoogle Play