निम्नलिखित विषय पर लगभग 250 शब्दों में निबंध लिखिए : "भारत की युवा शक्ति"
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 6 (Hindi Essay and Administrative Drafting / हिन्दी निबंध एवं प्रारूप लेखन) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script) by all candidates regardless of their opted medium for GS1–GS4. Answers written in English are not evaluated in the actual examination. The authentic Hindi model answer is provided below for your preparation.
भारत की युवा शक्ति: जनसांख्यिकीय लाभांश, तकनीकी नवोन्मेष, स्टार्ट-अप क्रांति एवं राष्ट्र-निर्माण का संकल्प
"उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत (उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए!)। मुझे 100 ऊर्जावान और समर्पित युवा दो, मैं भारत का कायाकल्प कर दूंगा।" — स्वामी विवेकानंद
"युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र का भविष्य ही नहीं, बल्कि उसका सबसे जीवंत और शक्तिशाली वर्तमान है।"
1. प्रस्तावना एवं जनसांख्यिकीय शक्ति:
भारत आज 65% से अधिक 35 वर्ष से कम आयु की युवा आबादी के साथ विश्व का सबसे युवा देश है। यह विशाल 'जनसांख्यिकीय लाभांश' (Demographic Dividend) भारत को दुनिया की सबसे बड़ी उत्पादक, नवाचारी और रचनात्मक मानव शक्ति बनाता है। इतिहास गवाह है कि जब भी किसी देश के युवाओं ने अंगड़ाई ली है, उस देश में युगांतरकारी क्रांतियाँ घटित हुई हैं।
2. विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय युवा शक्ति का परचम:
- स्टार्ट-अप एवं नवाचार में विश्व-विजय: भारत को विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम (115 से अधिक यूनिकॉर्न्स) बनाकर युवाओं ने फिनटेक, एग्रीटेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में वैश्विक धाक जमाई है।
- अंतरिक्ष एवं रक्षा विज्ञान: इसरो (ISRO) के चंद्रयान-3, आदित्य-L1 और गगनयान मिशनों का नेतृत्व करने वाले वैज्ञानिकों में अधिकांश युवा प्रतिभाएं हैं।
- खेल जगत में भारत का मान: ओलंपिक, पैरालंपिक तथा अंतरराष्ट्रीय शतरंज (गुकेश डी, प्रज्ञानंद) में स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाना।
- कौशल विकास एवं मध्य प्रदेश के प्रयास: राज्य की 'मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना' (MMSKY) और 'उद्यम क्रांति योजना' के माध्यम से युवा नौकरी मांगने वाले के स्थान पर नौकरी देने वाले उद्यमी बन रहे हैं।
3. निष्कर्ष:
युवा शक्ति जल के प्रचंड वेग के समान है; यदि इसे सही दिशा मिले तो यह देश में विकास की विद्युत उत्पन्न कर सकती है। आधुनिक तकनीकी कौशल (Industry 4.0), नैतिक चरित्र और अपनी 'विरासत पर गर्व' की भावना से युक्त भारतीय युवा ही देश को पुनः 'विश्वगुरु' बनाएंगे और 'विकसित भारत @2047' के स्वप्न को साकार करेंगे।
हिंदी में प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
निम्नलिखित विषय पर लगभग 250 शब्दों में निबंध लिखिए : "भारत की युवा शक्ति"
भारत की युवा शक्ति: जनसांख्यिकीय लाभांश, तकनीकी नवोन्मेष, स्टार्ट-अप क्रांति एवं राष्ट्र-निर्माण का संकल्प
"उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत (उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए!)। मुझे 100 ऊर्जावान और समर्पित युवा दो, मैं भारत का कायाकल्प कर दूंगा।" — स्वामी विवेकानंद
"युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र का भविष्य ही नहीं, बल्कि उसका सबसे जीवंत और शक्तिशाली वर्तमान है।"
1. प्रस्तावना एवं जनसांख्यिकीय शक्ति:
भारत आज 65% से अधिक 35 वर्ष से कम आयु की युवा आबादी के साथ विश्व का सबसे युवा देश है। यह विशाल 'जनसांख्यिकीय लाभांश' (Demographic Dividend) भारत को दुनिया की सबसे बड़ी उत्पादक, नवाचारी और रचनात्मक मानव शक्ति बनाता है। इतिहास गवाह है कि जब भी किसी देश के युवाओं ने अंगड़ाई ली है, उस देश में युगांतरकारी क्रांतियाँ घटित हुई हैं।
2. विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय युवा शक्ति का परचम:
- स्टार्ट-अप एवं नवाचार में विश्व-विजय: भारत को विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम (115 से अधिक यूनिकॉर्न्स) बनाकर युवाओं ने फिनटेक, एग्रीटेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में वैश्विक धाक जमाई है।
- अंतरिक्ष एवं रक्षा विज्ञान: इसरो (ISRO) के चंद्रयान-3, आदित्य-L1 और गगनयान मिशनों का नेतृत्व करने वाले वैज्ञानिकों में अधिकांश युवा प्रतिभाएं हैं।
- खेल जगत में भारत का मान: ओलंपिक, पैरालंपिक तथा अंतरराष्ट्रीय शतरंज (गुकेश डी, प्रज्ञानंद) में स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाना।
- कौशल विकास एवं मध्य प्रदेश के प्रयास: राज्य की 'मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना' (MMSKY) और 'उद्यम क्रांति योजना' के माध्यम से युवा नौकरी मांगने वाले के स्थान पर नौकरी देने वाले उद्यमी बन रहे हैं।
3. निष्कर्ष:
युवा शक्ति जल के प्रचंड वेग के समान है; यदि इसे सही दिशा मिले तो यह देश में विकास की विद्युत उत्पन्न कर सकती है। आधुनिक तकनीकी कौशल (Industry 4.0), नैतिक चरित्र और अपनी 'विरासत पर गर्व' की भावना से युक्त भारतीय युवा ही देश को पुनः 'विश्वगुरु' बनाएंगे और 'विकसित भारत @2047' के स्वप्न को साकार करेंगे।