कर्मधारय एवं बहुव्रीहि समास में अंतर लिखिए। एक-एक उदाहरण दीजिए।
Model Answer
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
कर्मधारय एवं बहुव्रीहि समास में मुख्य अंतर:
- 1. कर्मधारय समास: इसमें दोनों पदों में विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय का संबंध होता है तथा उत्तर पद प्रधान होता है।
उदाहरण: नीलकमल = नीला है जो कमल। - 2. बहुव्रीहि समास: इसमें दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अन्य पद (संज्ञा) की ओर संकेत करते हैं तथा वही अन्य पद प्रधान होता है।
उदाहरण: नीलकंठ = नीला है कंठ जिसका अर्थात् भगवान शिव।
हिंदी में प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
कर्मधारय एवं बहुव्रीहि समास में अंतर लिखिए। एक-एक उदाहरण दीजिए।
कर्मधारय एवं बहुव्रीहि समास में मुख्य अंतर:
- 1. कर्मधारय समास: इसमें दोनों पदों में विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय का संबंध होता है तथा उत्तर पद प्रधान होता है।
उदाहरण: नीलकमल = नीला है जो कमल। - 2. बहुव्रीहि समास: इसमें दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अन्य पद (संज्ञा) की ओर संकेत करते हैं तथा वही अन्य पद प्रधान होता है।
उदाहरण: नीलकंठ = नीला है कंठ जिसका अर्थात् भगवान शिव।