निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए: (1) 'ने + अन' की सन्धि कीजिए। (2) 'सदैव' का सन्धि विच्छेद कीजिए। (3) 'प्रतिदिन' में कौन-सा समास है? (4) द्विगु समास के तीन उदाहरण लिखिए। (5) 'घर' के तीन पर्यायवाची शब्द लिखिए। (6) 'तृष्णा' का विलोम शब्द लिखिए। (7) लाघव चिह्न को अंकित करते हुए दो उदाहरण दीजिए। (8) 'मोती' का तत्सम रूप लिखिए। (9) 'स्वामी' का तद्भव रूप लिखिए। (10) 'उपयुक्त' तथा 'उपर्युक्त' में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
व्याकरण संबंधी सभी 10 प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर:
- (1) 'ने + अन' की सन्धि: नयन (अयादि स्वर सन्धि: ए + अ = अय्)।
- (2) 'सदैव' का सन्धि विच्छेद: सदा + एव (वृद्धि स्वर सन्धि: आ + ए = ऐ)।
- (3) 'प्रतिदिन' में समास: अव्ययीभाव समास (विग्रह: प्रत्येक दिन / दिन-दिन; पूर्व पद 'प्रति' अव्यय है)।
- (4) द्विगु समास के 3 उदाहरण:
- 1. पंचवटी = पाँच वटों (वृक्षों) का समाहार
- 2. त्रिफला = तीन फलों का समाहार
- 3. चौराहा = चार राहों का समाहार
- (5) 'घर' के 3 पर्यायवाची शब्द: गृह, सदन, आलय (अथवा निकेतन, भवन, धाम)।
- (6) 'तृष्णा' का विलोम शब्द: वितृष्णा (अथवा तृप्ति / अतृष्णा)।
- (7) लाघव चिह्न (० / .) के दो उदाहरण:
- 1. डॉक्टर ➔ डॉ० (अथवा डॉ.)
- 2. पंडित ➔ पं० (अथवा पं.)
- (8) 'मोती' का तत्सम रूप: मौक्तिक।
- (9) 'स्वामी' का तद्भव रूप: सांई (अथवा गोसाईं)।
- (10) 'उपयुक्त' तथा 'उपर्युक्त' में अन्तर:
- उपयुक्त: इसका अर्थ है 'उचित', 'योग्य' या 'ठीक' (उदा. "यह पद आपके लिए सर्वथा उपयुक्त है।")।
- उपर्युक्त: (उपरि + उक्त) इसका अर्थ है 'ऊपर कहा गया' या 'ऊपर उल्लिखित' (उदा. "उपर्युक्त गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए।")।
हिंदी में प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए: (1) 'ने + अन' की सन्धि कीजिए। (2) 'सदैव' का सन्धि विच्छेद कीजिए। (3) 'प्रतिदिन' में कौन-सा समास है? (4) द्विगु समास के तीन उदाहरण लिखिए। (5) 'घर' के तीन पर्यायवाची शब्द लिखिए। (6) 'तृष्णा' का विलोम शब्द लिखिए। (7) लाघव चिह्न को अंकित करते हुए दो उदाहरण दीजिए। (8) 'मोती' का तत्सम रूप लिखिए। (9) 'स्वामी' का तद्भव रूप लिखिए। (10) 'उपयुक्त' तथा 'उपर्युक्त' में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
व्याकरण संबंधी सभी 10 प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर:
- (1) 'ने + अन' की सन्धि: नयन (अयादि स्वर सन्धि: ए + अ = अय्)।
- (2) 'सदैव' का सन्धि विच्छेद: सदा + एव (वृद्धि स्वर सन्धि: आ + ए = ऐ)।
- (3) 'प्रतिदिन' में समास: अव्ययीभाव समास (विग्रह: प्रत्येक दिन / दिन-दिन; पूर्व पद 'प्रति' अव्यय है)।
- (4) द्विगु समास के 3 उदाहरण:
- 1. पंचवटी = पाँच वटों (वृक्षों) का समाहार
- 2. त्रिफला = तीन फलों का समाहार
- 3. चौराहा = चार राहों का समाहार
- (5) 'घर' के 3 पर्यायवाची शब्द: गृह, सदन, आलय (अथवा निकेतन, भवन, धाम)।
- (6) 'तृष्णा' का विलोम शब्द: वितृष्णा (अथवा तृप्ति / अतृष्णा)।
- (7) लाघव चिह्न (० / .) के दो उदाहरण:
- 1. डॉक्टर ➔ डॉ० (अथवा डॉ.)
- 2. पंडित ➔ पं० (अथवा पं.)
- (8) 'मोती' का तत्सम रूप: मौक्तिक।
- (9) 'स्वामी' का तद्भव रूप: सांई (अथवा गोसाईं)।
- (10) 'उपयुक्त' तथा 'उपर्युक्त' में अन्तर:
- उपयुक्त: इसका अर्थ है 'उचित', 'योग्य' या 'ठीक' (उदा. "यह पद आपके लिए सर्वथा उपयुक्त है।")।
- उपर्युक्त: (उपरि + उक्त) इसका अर्थ है 'ऊपर कहा गया' या 'ऊपर उल्लिखित' (उदा. "उपर्युक्त गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए।")।