Skip to content / सामग्री पर जाएँ
Home›MPPSC Mains (Eng)›General Hindi & Grammar›General Hindi & Grammar›Unseen Passage (18 marks)›निम्नलिखित में से किसी एक गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

निम्नलिखित में से किसी एक गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए: प्रकृति ने हमें हमारे पालन पोषण के लिए जल, वन, पर्वत और नदियाँ प्रदान की थीं परन्तु हमने खनन, बाँध बनाकर और वनों को साफ करके उसका रूप परिवर्तन कर दिया... [passage on nature, water pollution, disease]। प्रश्न: (i) उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक लिखिए। (ii) प्रकृति ने मनुष्य को पालन पोषण के लिए क्या प्रदान किया? (iii) मनुष्य ने प्रकृति के मूल रूप को कैसे बदल दिया? (iv) जल प्रदूषण को रोकना क्यों आवश्यक है? (v) भविष्य में जल और खाद्यान्न की आवश्यकता क्यों पड़ेगी?

201915M
Model Answer

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.

गद्यांश 9(अ) के सभी प्रश्नों के उत्तर:

  1. (i) उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक:
    प्रकृति-संतुलन, पर्यावरण प्रदूषण एवं जल-संरक्षण की अनिवार्यता।
  2. (ii) प्रकृति ने मनुष्य को पालन पोषण के लिए क्या प्रदान किया?
    प्रकृति ने मनुष्य के जीवन और पालन-पोषण के लिए प्रचुर मात्रा में शुद्ध जल, घने वन, औषधियुक्त पर्वत और सदानीरा नदियाँ प्रदान की थीं।
  3. (iii) मनुष्य ने प्रकृति के मूल रूप को कैसे बदल दिया?
    मनुष्य ने अपने स्वार्थवश अंधाधुंध खनन करके, अनियोजित बाँध बनाकर, वनों की कटाई करके तथा औद्योगिक कचरे से नदियों को प्रदूषित करके प्रकृति के मूल स्वरूप को विकृत कर दिया है।
  4. (iv) जल प्रदूषण को रोकना क्यों आवश्यक है?
    जल ही जीवन का मूल आधार है। प्रदूषित जल से अनेक जानलेवा बीमारियाँ फैलती हैं और पारिस्थितिकी तंत्र नष्ट होता है, अतः मानव स्वास्थ्य और संपूर्ण जीव-जगत की रक्षा के लिए जल प्रदूषण रोकना अपरिहार्य है।
  5. (v) भविष्य में जल और खाद्यान्न की आवश्यकता क्यों पड़ेगी?
    निरंतर बढ़ती जनसंख्या, घटते प्राकृतिक जल-स्रोतों और कृषि योग्य भूमि के क्षरण के कारण भावी पीढ़ियों के अस्तित्व और खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने हेतु जल और खाद्यान्न की अत्यधिक आवश्यकता पड़ेगी।

हिंदी में प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

निम्नलिखित में से किसी एक गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए: प्रकृति ने हमें हमारे पालन पोषण के लिए जल, वन, पर्वत और नदियाँ प्रदान की थीं परन्तु हमने खनन, बाँध बनाकर और वनों को साफ करके उसका रूप परिवर्तन कर दिया... [passage on nature, water pollution, disease]। प्रश्न: (i) उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक लिखिए। (ii) प्रकृति ने मनुष्य को पालन पोषण के लिए क्या प्रदान किया? (iii) मनुष्य ने प्रकृति के मूल रूप को कैसे बदल दिया? (iv) जल प्रदूषण को रोकना क्यों आवश्यक है? (v) भविष्य में जल और खाद्यान्न की आवश्यकता क्यों पड़ेगी?

गद्यांश 9(अ) के सभी प्रश्नों के उत्तर:

  1. (i) उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक:
    प्रकृति-संतुलन, पर्यावरण प्रदूषण एवं जल-संरक्षण की अनिवार्यता।
  2. (ii) प्रकृति ने मनुष्य को पालन पोषण के लिए क्या प्रदान किया?
    प्रकृति ने मनुष्य के जीवन और पालन-पोषण के लिए प्रचुर मात्रा में शुद्ध जल, घने वन, औषधियुक्त पर्वत और सदानीरा नदियाँ प्रदान की थीं।
  3. (iii) मनुष्य ने प्रकृति के मूल रूप को कैसे बदल दिया?
    मनुष्य ने अपने स्वार्थवश अंधाधुंध खनन करके, अनियोजित बाँध बनाकर, वनों की कटाई करके तथा औद्योगिक कचरे से नदियों को प्रदूषित करके प्रकृति के मूल स्वरूप को विकृत कर दिया है।
  4. (iv) जल प्रदूषण को रोकना क्यों आवश्यक है?
    जल ही जीवन का मूल आधार है। प्रदूषित जल से अनेक जानलेवा बीमारियाँ फैलती हैं और पारिस्थितिकी तंत्र नष्ट होता है, अतः मानव स्वास्थ्य और संपूर्ण जीव-जगत की रक्षा के लिए जल प्रदूषण रोकना अपरिहार्य है।
  5. (v) भविष्य में जल और खाद्यान्न की आवश्यकता क्यों पड़ेगी?
    निरंतर बढ़ती जनसंख्या, घटते प्राकृतिक जल-स्रोतों और कृषि योग्य भूमि के क्षरण के कारण भावी पीढ़ियों के अस्तित्व और खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने हेतु जल और खाद्यान्न की अत्यधिक आवश्यकता पड़ेगी।
See this question in context →
WhatsApp