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जिला पूर्ति अधिकारी, उज्जैन को सरकारी सस्ते गल्ले के दुकानदारों की अनियमितताओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराने हेतु एक प्रतिवेदन लिखिए।

202113M
Model Answer

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 6 (Hindi Essay and Administrative Drafting / हिन्दी निबंध एवं प्रारूप लेखन) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script) by all candidates regardless of their opted medium for GS1–GS4. Answers written in English are not evaluated in the actual examination. The authentic Hindi model answer is provided below for your preparation.

प्रारूप लेखन: प्रतिवेदन (Administrative Inspection Report)

शासकीय उचित मूल्य राशन दुकानों में अनियमितताओं एवं कालाबाज़ारी बाबत सघन जांच प्रतिवेदन

प्रति,
श्रीमान जिला आपूर्ति नियंत्रक / जिला पूर्ति अधिकारी,
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग,
जिला उज्जैन (म.प्र.)                                                 दिनांक: 12 नवंबर 2021

विषय: उज्जैन नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य दुकानों (सस्ते गल्ले की दुकानों) में राशन वितरण की गंभीर अनियमितताओं संबंधी जांच प्रतिवेदन।

माननीय महोदय,

नागरिकों की निरंतर शिकायतों एवं आपके निर्देशानुसार अधोहस्ताक्षरकर्ता द्वारा उज्जैन नगर के चिमनगंज मंडी क्षेत्र स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 42 एवं 58 का वार्ड सतर्कता समिति के साथ औचक निरीक्षण किया गया। जांच में निम्नलिखित गंभीर अनियमितताएं प्रमाणित पाई गईं:

  • दुकानें निर्धारित समय पर न खुलना: निर्धारित समय (प्रातः 08:00 से दोपहर 01:00 बजे) के स्थान पर दुकानें मनमाने ढंग से बंद पाई गईं, जिससे दैनिक मजदूरों व निर्धनों को राशन हेतु कई दिनों तक भटकना पड़ता है।
  • कम तौल एवं घटिया खाद्यान्न का वितरण: प्रत्येक हितग्राही को प्रति यूनिट 500 ग्राम से 1 किलोग्राम तक कम राशन दिया जा रहा था तथा इलेक्ट्रॉनिक तौल-कांटे अनधिकृत पाए गए। एफएक्यू (FAQ) मानक के अच्छे गेहूं के स्थान पर कंकड़-युक्त निम्न श्रेणी का अनाज वितरित किया जा रहा था।
  • ई-पॉस (e-PoS) बायोमेट्रिक पर्ची न देना: हितग्राहियों का अंगूठा लगवाकर 'सर्वर धीमा है' कहकर बिना खाद्यान्न और बिना मुद्रित रसीद दिए लौटाने का फर्जीवाड़ा पाया गया।
  • स्टॉक व मूल्य प्रदर्शन बोर्ड का अभाव: दुकान के बाहर दैनिक प्रारंभिक स्टॉक एवं राशन मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं पाई गई।

संस्तुतियाँ एवं दंडात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव:
1. उक्त दोनों उचित मूल्य दुकानों (क्र. 42 एवं 58) की प्रतिभूति राशि राजसात करते हुए विक्रेता की अनुज्ञप्ति (License) तत्काल प्रभाव से निरस्त की जाए।
2. खाद्यान्न की कालाबाज़ारी के आरोप में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध थाने में आपराधिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।
3. क्षेत्र के 1,200 कार्डधारकों को खाद्यान्न संकट से बचाने हेतु निकटवर्ती प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति से तत्काल संबद्ध किया जाए।

सादर प्रस्तुतकर्ता,
हस्ताक्षर/-
(वीरेंद्र सिंह सोलंकी)
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी / खाद्य निरीक्षक,
वार्ड-4, उज्जैन (म.प्र.)

संलग्नक: मौका पंचनामा, 28 पीड़ित राशन कार्डधारियों के हस्ताक्षरित बयान, तथा ई-पॉस मशीन लॉग रिपोर्ट।

हिंदी में प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

जिला पूर्ति अधिकारी, उज्जैन को सरकारी सस्ते गल्ले के दुकानदारों की अनियमितताओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराने हेतु एक प्रतिवेदन लिखिए।

प्रारूप लेखन: प्रतिवेदन (Administrative Inspection Report)

शासकीय उचित मूल्य राशन दुकानों में अनियमितताओं एवं कालाबाज़ारी बाबत सघन जांच प्रतिवेदन

प्रति,
श्रीमान जिला आपूर्ति नियंत्रक / जिला पूर्ति अधिकारी,
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग,
जिला उज्जैन (म.प्र.)                                                 दिनांक: 12 नवंबर 2021

विषय: उज्जैन नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य दुकानों (सस्ते गल्ले की दुकानों) में राशन वितरण की गंभीर अनियमितताओं संबंधी जांच प्रतिवेदन।

माननीय महोदय,

नागरिकों की निरंतर शिकायतों एवं आपके निर्देशानुसार अधोहस्ताक्षरकर्ता द्वारा उज्जैन नगर के चिमनगंज मंडी क्षेत्र स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 42 एवं 58 का वार्ड सतर्कता समिति के साथ औचक निरीक्षण किया गया। जांच में निम्नलिखित गंभीर अनियमितताएं प्रमाणित पाई गईं:

  • दुकानें निर्धारित समय पर न खुलना: निर्धारित समय (प्रातः 08:00 से दोपहर 01:00 बजे) के स्थान पर दुकानें मनमाने ढंग से बंद पाई गईं, जिससे दैनिक मजदूरों व निर्धनों को राशन हेतु कई दिनों तक भटकना पड़ता है।
  • कम तौल एवं घटिया खाद्यान्न का वितरण: प्रत्येक हितग्राही को प्रति यूनिट 500 ग्राम से 1 किलोग्राम तक कम राशन दिया जा रहा था तथा इलेक्ट्रॉनिक तौल-कांटे अनधिकृत पाए गए। एफएक्यू (FAQ) मानक के अच्छे गेहूं के स्थान पर कंकड़-युक्त निम्न श्रेणी का अनाज वितरित किया जा रहा था।
  • ई-पॉस (e-PoS) बायोमेट्रिक पर्ची न देना: हितग्राहियों का अंगूठा लगवाकर 'सर्वर धीमा है' कहकर बिना खाद्यान्न और बिना मुद्रित रसीद दिए लौटाने का फर्जीवाड़ा पाया गया।
  • स्टॉक व मूल्य प्रदर्शन बोर्ड का अभाव: दुकान के बाहर दैनिक प्रारंभिक स्टॉक एवं राशन मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं पाई गई।

संस्तुतियाँ एवं दंडात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव:
1. उक्त दोनों उचित मूल्य दुकानों (क्र. 42 एवं 58) की प्रतिभूति राशि राजसात करते हुए विक्रेता की अनुज्ञप्ति (License) तत्काल प्रभाव से निरस्त की जाए।
2. खाद्यान्न की कालाबाज़ारी के आरोप में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध थाने में आपराधिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।
3. क्षेत्र के 1,200 कार्डधारकों को खाद्यान्न संकट से बचाने हेतु निकटवर्ती प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति से तत्काल संबद्ध किया जाए।

सादर प्रस्तुतकर्ता,
हस्ताक्षर/-
(वीरेंद्र सिंह सोलंकी)
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी / खाद्य निरीक्षक,
वार्ड-4, उज्जैन (म.प्र.)

संलग्नक: मौका पंचनामा, 28 पीड़ित राशन कार्डधारियों के हस्ताक्षरित बयान, तथा ई-पॉस मशीन लॉग रिपोर्ट।

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