'लाटानुप्रास' को उदाहरण देकर समझाइए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
लाटानुप्रास अलंकार की परिभाषा एवं सोदाहरण व्याख्या:
1. परिभाषा: जब किसी पद्य में समान शब्द या वाक्य खंड (पद-समूह) की आवृत्ति उसी अर्थ में हो, किन्तु अन्वय (तात्पर्य/संबोधन) का भेद होने से कुल अर्थ में भिन्नता आ जाए, वहाँ 'लाटानुप्रास अलंकार' होता है (यह शब्दानुप्रास का प्रमुख भेद है, जो लाट/गुजरात देश के कवियों को प्रिय था)।
2. उदाहरण:
"पूत सपूत तौ क्यों धन संचय।
पूत कपूत तौ क्यों धन संचय॥"
(अन्वय भेद: यदि पुत्र सुपुत्र है तो धन संचय की आवश्यकता नहीं क्योंकि वह स्वयं कमा लेगा; यदि पुत्र कुपुत्र है तो भी संचय व्यर्थ है क्योंकि वह सब नष्ट कर देगा)।
हिंदी में प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
'लाटानुप्रास' को उदाहरण देकर समझाइए।
लाटानुप्रास अलंकार की परिभाषा एवं सोदाहरण व्याख्या:
1. परिभाषा: जब किसी पद्य में समान शब्द या वाक्य खंड (पद-समूह) की आवृत्ति उसी अर्थ में हो, किन्तु अन्वय (तात्पर्य/संबोधन) का भेद होने से कुल अर्थ में भिन्नता आ जाए, वहाँ 'लाटानुप्रास अलंकार' होता है (यह शब्दानुप्रास का प्रमुख भेद है, जो लाट/गुजरात देश के कवियों को प्रिय था)।
2. उदाहरण:
"पूत सपूत तौ क्यों धन संचय।
पूत कपूत तौ क्यों धन संचय॥"
(अन्वय भेद: यदि पुत्र सुपुत्र है तो धन संचय की आवश्यकता नहीं क्योंकि वह स्वयं कमा लेगा; यदि पुत्र कुपुत्र है तो भी संचय व्यर्थ है क्योंकि वह सब नष्ट कर देगा)।