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Write an essay on: एक भारत : श्रेष्ठ भारत

202350M
Model Answer

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 6 (Hindi Essay and Administrative Drafting / हिन्दी निबंध एवं प्रारूप लेखन) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script) by all candidates regardless of their opted medium for GS1–GS4. Answers written in English are not evaluated in the actual examination. The authentic Hindi model answer is provided below for your preparation.

एक भारत : श्रेष्ठ भारत — सांस्कृतिक विविधता का उत्सव, भावनात्मक एकता एवं राष्ट्रीय पुनरुत्थान

"विविधता हमारी कमजोरी नहीं, बल्कि हमारी सबसे बड़ी सामर्थ्य है। अनेकता में एकता की यही भावना भारतीय राष्ट्रवाद का शाश्वत प्राण है।" — लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल

1. प्रस्तावना एवं संकल्पनात्मक पृष्ठभूमि:
'एक भारत श्रेष्ठ भारत' (EBSB) स्वतंत्र भारत की भावनात्मक अखंडता और सांस्कृतिक समरसता को सुदृढ़ करने वाला एक युगांतरकारी राष्ट्रीय अभियान है। 31 अक्टूबर 2015 को सरदार वल्लभभाई पटेल की 140वीं जयंती (राष्ट्रीय एकता दिवस) के पावन अवसर पर घोषित यह पहल, भारत के संविधान में निहित 'अनेकता में एकता' के शाश्वत मूल्य को जन-जन की सक्रिय सहभागिता में रूपांतरित करती है। इसका मूल ध्येय विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के नागरिकों के बीच आपसी समझ, सौहार्द और सांस्कृतिक अपनत्व को प्रगाढ़ बनाना है।

2. अभियान के प्रमुख संस्थागत स्तंभ:

  • राज्यों का युग्मन मॉडल (State Pairing): राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों की विशिष्ट जोड़ियाँ बनाकर (जैसे मध्य प्रदेश को मणिपुर व नगालैंड के साथ युग्मित किया गया) वर्ष भर कला, संस्कृति, पर्यटन, भाषा और खेल का परस्पर आदान-प्रदान।
  • भाषा संगम अभियान (Bhasha Sangam): संविधान की 8वीं अनुसूची की 22 भाषाओं के मूल बोलचाल के वाक्यों को विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा डिजिटल माध्यमों से लोकप्रिय बनाकर भाषाई दूरी को समाप्त करना।
  • युवा संगम (Yuva Sangam): विश्वविद्यालयों के छात्रों को युग्मित राज्यों के सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं विकासात्मक भ्रमण पर भेजकर प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना।
  • खान-पान, वेशभूषा एवं हस्तशिल्प का समन्वय: 'एकता मेलों' व फूड फेस्टिवल्स के माध्यम से पूर्वोत्तर, दक्षिण और मध्य भारत के पारंपरिक व्यंजनों व शिल्प कलाओं का परस्पर प्रचार-प्रसार।

3. मध्य प्रदेश की सक्रिय भूमिका एवं राज्य-स्तरीय पहलें:
भारत के हृदय स्थल मध्य प्रदेश ने 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के क्रियान्वयन में अनुकरणीय भूमिका निभाई है:

  • युग्मित राज्यों (मणिपुर-नगालैंड) से संवाद: म.प्र. के छात्र व सांस्कृतिक दलों का पूर्वोत्तर राज्यों में नियमित भ्रमण तथा वहाँ के सांस्कृतिक दलों का मध्य प्रदेश में आत्मीय स्वागत।
  • प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंचों पर समावेशन: खजुराहो नृत्य समारोह, लोकरंग भोपाल, तथा तानसेन समारोह में नगा एवं मणिपुरी नृत्य शैलियों (जैसे मणिपुरी रासलीला, नगा जनजातीय नृत्य) का गरिमामय प्रदर्शन।
  • राजभवन में राज्य स्थापना दिवस समारोह: म.प्र. राजभवन में देश के सभी राज्यों के स्थापना दिवस का भव्य आयोजन कर मध्य प्रदेश में निवासरत अन्य राज्यों के नागरिकों को सम्मानित करना।

4. बहुआयामी सामाजिक एवं राष्ट्रीय महत्त्व:

  • संकीर्ण प्रवृत्तियों पर प्रहार: क्षेत्रवाद (Regionalism), भाषावाद (Linguistic Chauvinism), और अलगाववादी मानसिकता को समाप्त कर राष्ट्रीय चेतना का विकास।
  • पूर्वोत्तर का भावनात्मक एकीकरण: पूर्वोत्तर राज्यों के नागरिकों में मुख्यधारा के प्रति अपनत्व, विश्वास और सशक्त जुड़ाव की भावना का संचार।
  • घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहन: 'देखो अपना देश' मिशन को गति प्रदान कर स्थानीय होमस्टे, हस्तशिल्प और पर्यटन अर्थव्यवस्था का संवर्धन।
  • आंतरिक सुरक्षा का सुदृढ़ीकरण: सांस्कृतिक रूप से एकजुट और समरस समाज ही देश की संप्रभुता और अखंडता का सबसे मजबूत रक्षा कवच है।

5. प्रमुख चुनौतियाँ एवं सीमाएँ:

  • आयोजनों की सामयिकता: कार्यक्रमों का केवल कुछ वार्षिक उत्सवों तक सीमित रह जाना और दैनिक जीवन में निरंतरता का अभाव।
  • भाषाई बाधाएं: प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में अन्य राज्यों की भाषाओं के शिक्षकों एवं अनुवादकों की कमी।
  • भौगोलिक दूरी एवं परिवहन लागत: सुदूर राज्यों के बीच यात्रा की उच्च लागत व सीधी कनेक्टिविटी की सीमाएं।

6. रणनीतिक समाधान एवं आगे की राह:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व 'भाषिणी' (Bhashini) का उपयोग: डिजिटल अनुवाद टूल्स के माध्यम से विभिन्न भाषाई साहित्य और संवाद को सुलभ बनाना।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) में समावेशन: युग्मित राज्यों के इतिहास, लोककथाओं और भूगोल को स्कूली पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाना।
  • आर्थिक एवं स्टार्टअप सेतु: युग्मित राज्यों के हस्तशिल्पियों और नवउद्यमियों के बीच ई-कॉमर्स व व्यावसायिक साझेदारी को बढ़ावा देना।

7. निष्कर्ष:
'एक भारत श्रेष्ठ भारत' केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक अमर राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना का पुनर्जागरण है। जब कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से कोहिमा तक का प्रत्येक नागरिक एक-दूसरे की भाषा, कला और परंपरा पर गर्व करेगा, तभी सरदार पटेल का अखंड और 'श्रेष्ठ भारत' का स्वप्न पूर्ण होगा और 'विकसित भारत @2047' का मार्ग प्रशस्त होगा।

हिंदी में प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

निम्नलिखित विषय पर निबंध लिखिए: एक भारत : श्रेष्ठ भारत

एक भारत : श्रेष्ठ भारत — सांस्कृतिक विविधता का उत्सव, भावनात्मक एकता एवं राष्ट्रीय पुनरुत्थान

"विविधता हमारी कमजोरी नहीं, बल्कि हमारी सबसे बड़ी सामर्थ्य है। अनेकता में एकता की यही भावना भारतीय राष्ट्रवाद का शाश्वत प्राण है।" — लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल

1. प्रस्तावना एवं संकल्पनात्मक पृष्ठभूमि:
'एक भारत श्रेष्ठ भारत' (EBSB) स्वतंत्र भारत की भावनात्मक अखंडता और सांस्कृतिक समरसता को सुदृढ़ करने वाला एक युगांतरकारी राष्ट्रीय अभियान है। 31 अक्टूबर 2015 को सरदार वल्लभभाई पटेल की 140वीं जयंती (राष्ट्रीय एकता दिवस) के पावन अवसर पर घोषित यह पहल, भारत के संविधान में निहित 'अनेकता में एकता' के शाश्वत मूल्य को जन-जन की सक्रिय सहभागिता में रूपांतरित करती है। इसका मूल ध्येय विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के नागरिकों के बीच आपसी समझ, सौहार्द और सांस्कृतिक अपनत्व को प्रगाढ़ बनाना है।

2. अभियान के प्रमुख संस्थागत स्तंभ:

  • राज्यों का युग्मन मॉडल (State Pairing): राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों की विशिष्ट जोड़ियाँ बनाकर (जैसे मध्य प्रदेश को मणिपुर व नगालैंड के साथ युग्मित किया गया) वर्ष भर कला, संस्कृति, पर्यटन, भाषा और खेल का परस्पर आदान-प्रदान।
  • भाषा संगम अभियान (Bhasha Sangam): संविधान की 8वीं अनुसूची की 22 भाषाओं के मूल बोलचाल के वाक्यों को विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा डिजिटल माध्यमों से लोकप्रिय बनाकर भाषाई दूरी को समाप्त करना।
  • युवा संगम (Yuva Sangam): विश्वविद्यालयों के छात्रों को युग्मित राज्यों के सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं विकासात्मक भ्रमण पर भेजकर प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना।
  • खान-पान, वेशभूषा एवं हस्तशिल्प का समन्वय: 'एकता मेलों' व फूड फेस्टिवल्स के माध्यम से पूर्वोत्तर, दक्षिण और मध्य भारत के पारंपरिक व्यंजनों व शिल्प कलाओं का परस्पर प्रचार-प्रसार।

3. मध्य प्रदेश की सक्रिय भूमिका एवं राज्य-स्तरीय पहलें:
भारत के हृदय स्थल मध्य प्रदेश ने 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के क्रियान्वयन में अनुकरणीय भूमिका निभाई है:

  • युग्मित राज्यों (मणिपुर-नगालैंड) से संवाद: म.प्र. के छात्र व सांस्कृतिक दलों का पूर्वोत्तर राज्यों में नियमित भ्रमण तथा वहाँ के सांस्कृतिक दलों का मध्य प्रदेश में आत्मीय स्वागत।
  • प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंचों पर समावेशन: खजुराहो नृत्य समारोह, लोकरंग भोपाल, तथा तानसेन समारोह में नगा एवं मणिपुरी नृत्य शैलियों (जैसे मणिपुरी रासलीला, नगा जनजातीय नृत्य) का गरिमामय प्रदर्शन।
  • राजभवन में राज्य स्थापना दिवस समारोह: म.प्र. राजभवन में देश के सभी राज्यों के स्थापना दिवस का भव्य आयोजन कर मध्य प्रदेश में निवासरत अन्य राज्यों के नागरिकों को सम्मानित करना।

4. बहुआयामी सामाजिक एवं राष्ट्रीय महत्त्व:

  • संकीर्ण प्रवृत्तियों पर प्रहार: क्षेत्रवाद (Regionalism), भाषावाद (Linguistic Chauvinism), और अलगाववादी मानसिकता को समाप्त कर राष्ट्रीय चेतना का विकास।
  • पूर्वोत्तर का भावनात्मक एकीकरण: पूर्वोत्तर राज्यों के नागरिकों में मुख्यधारा के प्रति अपनत्व, विश्वास और सशक्त जुड़ाव की भावना का संचार।
  • घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहन: 'देखो अपना देश' मिशन को गति प्रदान कर स्थानीय होमस्टे, हस्तशिल्प और पर्यटन अर्थव्यवस्था का संवर्धन।
  • आंतरिक सुरक्षा का सुदृढ़ीकरण: सांस्कृतिक रूप से एकजुट और समरस समाज ही देश की संप्रभुता और अखंडता का सबसे मजबूत रक्षा कवच है।

5. प्रमुख चुनौतियाँ एवं सीमाएँ:

  • आयोजनों की सामयिकता: कार्यक्रमों का केवल कुछ वार्षिक उत्सवों तक सीमित रह जाना और दैनिक जीवन में निरंतरता का अभाव।
  • भाषाई बाधाएं: प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में अन्य राज्यों की भाषाओं के शिक्षकों एवं अनुवादकों की कमी।
  • भौगोलिक दूरी एवं परिवहन लागत: सुदूर राज्यों के बीच यात्रा की उच्च लागत व सीधी कनेक्टिविटी की सीमाएं।

6. रणनीतिक समाधान एवं आगे की राह:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व 'भाषिणी' (Bhashini) का उपयोग: डिजिटल अनुवाद टूल्स के माध्यम से विभिन्न भाषाई साहित्य और संवाद को सुलभ बनाना।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) में समावेशन: युग्मित राज्यों के इतिहास, लोककथाओं और भूगोल को स्कूली पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाना।
  • आर्थिक एवं स्टार्टअप सेतु: युग्मित राज्यों के हस्तशिल्पियों और नवउद्यमियों के बीच ई-कॉमर्स व व्यावसायिक साझेदारी को बढ़ावा देना।

7. निष्कर्ष:
'एक भारत श्रेष्ठ भारत' केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक अमर राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना का पुनर्जागरण है। जब कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से कोहिमा तक का प्रत्येक नागरिक एक-दूसरे की भाषा, कला और परंपरा पर गर्व करेगा, तभी सरदार पटेल का अखंड और 'श्रेष्ठ भारत' का स्वप्न पूर्ण होगा और 'विकसित भारत @2047' का मार्ग प्रशस्त होगा।

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