प्राचार्य माता जीजाबाई शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय, इन्दौर को महाविद्यालय में हुए राष्ट्रीय संगोष्ठी का एक प्रतिवेदन प्रस्तुत कीजिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 6 (Hindi Essay and Administrative Drafting / हिन्दी निबंध एवं प्रारूप लेखन) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script) by all candidates regardless of their opted medium for GS1–GS4. Answers written in English are not evaluated in the actual examination. The authentic Hindi model answer is provided below for your preparation.
प्रारूप लेखन: प्रतिवेदन (Official Administrative Report)
दो-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: विस्तृत एवं आधिकारिक प्रतिवेदन
प्रति,
माननीया प्राचार्या महोदया,
माता जीजाबाई शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय,
मोती तबेला, इन्दौर (म.प्र.) दिनांक: 22 मार्च 2024
विषय: महाविद्यालय में दिनांक 18 एवं 19 मार्च 2024 को आयोजित दो-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने बाबत।
आदरणीया महोदया,
अत्यंत हर्ष के साथ सूचित किया जाता है कि हमारे महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन के वित्तीय सहयोग से आयोजित दो-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: महिला सशक्तीकरण एवं समावेशी संवृद्धि' गरिमामय रूप से सफलतापूर्वक संपन्न हुई। संगोष्ठी का संक्षिप्त कार्यवृत्त निम्नलिखित है:
- उद्घाटन सत्र: दिनांक 18 मार्च 2024 को संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ मुख्य अतिथि माननीय कुलपति, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इन्दौर द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। बीज वक्तव्य (Keynote Address) जेएनयू नई दिल्ली के प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. के.एल. शर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया।
- तकनीकी सत्र एवं शोध-वाचन: दो दिनों में कुल 4 समानांतर तकनीकी सत्रों का आयोजन हुआ, जिसमें देश के 8 राज्यों के 22 विश्वविद्यालयों से पधारे 128 प्राध्यापकों, विषय विशेषज्ञों एवं शोधार्थियों ने शोध-पत्रों का प्रभावशाली वाचन किया।
- संगोष्ठी के प्रमुख निष्कर्ष एवं संस्तुतियाँ:
- कन्या महाविद्यालयों में परंपरागत उपाधियों के साथ रोजगार-उन्मुख व्यावसायिक व डिजिटल कौशल का अनिवार्य समावेशन।
- मध्य प्रदेश के जनजातीय व ग्रामीण अंचल की छात्राओं हेतु कॉलेज स्तर पर 'महिला स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर' की स्थापना।
- स्थानीय लघु वनोपज एवं हस्तशिल्प के मूल्य संवर्धन पर आधारित बहुविषयक शोध को प्रोत्साहन।
- समापन सत्र: 19 मार्च को शोधार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरण, ISBN युक्त शोध-स्मारिका (Souvenir) के विमोचन तथा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ संगोष्ठी संपन्न हुई।
संगोष्ठी का प्रमाणित आय-व्यय पत्रक एवं फोटोग्राफ्स महाविद्यालयीन अभिलेख हेतु संलग्न हैं।
सादर प्रस्तुतकर्ता,
हस्ताक्षर/-
(डॉ. रश्मि सक्सेना)
प्राध्यापक एवं आयोजन सचिव,
राष्ट्रीय संगोष्ठी समिति,
माता जीजाबाई शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय, इन्दौर
संलग्नक:
1. प्रमाणित उपयोगिता प्रमाण-पत्र (Utilization Certificate) एवं व्यय देयक।
2. ISBN युक्त संगोष्ठी शोध-सार स्मारिका प्रति।
3. पंजीकृत प्रतिभागियों की सूची एवं फोटोग्राफ्स।
हिंदी में प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
प्राचार्य माता जीजाबाई शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय, इन्दौर को महाविद्यालय में हुए राष्ट्रीय संगोष्ठी का एक प्रतिवेदन प्रस्तुत कीजिए।
प्रारूप लेखन: प्रतिवेदन (Official Administrative Report)
दो-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: विस्तृत एवं आधिकारिक प्रतिवेदन
प्रति,
माननीया प्राचार्या महोदया,
माता जीजाबाई शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय,
मोती तबेला, इन्दौर (म.प्र.) दिनांक: 22 मार्च 2024
विषय: महाविद्यालय में दिनांक 18 एवं 19 मार्च 2024 को आयोजित दो-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने बाबत।
आदरणीया महोदया,
अत्यंत हर्ष के साथ सूचित किया जाता है कि हमारे महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन के वित्तीय सहयोग से आयोजित दो-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: महिला सशक्तीकरण एवं समावेशी संवृद्धि' गरिमामय रूप से सफलतापूर्वक संपन्न हुई। संगोष्ठी का संक्षिप्त कार्यवृत्त निम्नलिखित है:
- उद्घाटन सत्र: दिनांक 18 मार्च 2024 को संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ मुख्य अतिथि माननीय कुलपति, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इन्दौर द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। बीज वक्तव्य (Keynote Address) जेएनयू नई दिल्ली के प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. के.एल. शर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया।
- तकनीकी सत्र एवं शोध-वाचन: दो दिनों में कुल 4 समानांतर तकनीकी सत्रों का आयोजन हुआ, जिसमें देश के 8 राज्यों के 22 विश्वविद्यालयों से पधारे 128 प्राध्यापकों, विषय विशेषज्ञों एवं शोधार्थियों ने शोध-पत्रों का प्रभावशाली वाचन किया।
- संगोष्ठी के प्रमुख निष्कर्ष एवं संस्तुतियाँ:
- कन्या महाविद्यालयों में परंपरागत उपाधियों के साथ रोजगार-उन्मुख व्यावसायिक व डिजिटल कौशल का अनिवार्य समावेशन।
- मध्य प्रदेश के जनजातीय व ग्रामीण अंचल की छात्राओं हेतु कॉलेज स्तर पर 'महिला स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर' की स्थापना।
- स्थानीय लघु वनोपज एवं हस्तशिल्प के मूल्य संवर्धन पर आधारित बहुविषयक शोध को प्रोत्साहन।
- समापन सत्र: 19 मार्च को शोधार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरण, ISBN युक्त शोध-स्मारिका (Souvenir) के विमोचन तथा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ संगोष्ठी संपन्न हुई।
संगोष्ठी का प्रमाणित आय-व्यय पत्रक एवं फोटोग्राफ्स महाविद्यालयीन अभिलेख हेतु संलग्न हैं।
सादर प्रस्तुतकर्ता,
हस्ताक्षर/-
(डॉ. रश्मि सक्सेना)
प्राध्यापक एवं आयोजन सचिव,
राष्ट्रीय संगोष्ठी समिति,
माता जीजाबाई शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय, इन्दौर
संलग्नक:
1. प्रमाणित उपयोगिता प्रमाण-पत्र (Utilization Certificate) एवं व्यय देयक।
2. ISBN युक्त संगोष्ठी शोध-सार स्मारिका प्रति।
3. पंजीकृत प्रतिभागियों की सूची एवं फोटोग्राफ्स।