विभाव से क्या आशय है? इसके भेदों के नाम लिखिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
विभाव का आशय एवं उसके भेद:
1. आशय: काव्य अथवा नाटक में जो कारण (व्यक्ति, वस्तु, परिस्थिति) सहृदय/श्रोता के हृदय में सुषुप्त रूप से विद्यमान स्थायी भावों को जाग्रत एवं उद्दीप्त करते हैं, उन्हें 'विभाव' कहते हैं (विभावयन्ति अनुभावयन्ति इति विभावाः)।
2. भेद (2 मुख्य भेद):
- 1. आलम्बन विभाव: जिसका सहारा पाकर भाव जाग्रत हों (इसके दो पक्ष हैं: आश्रय और विषय)।
- 2. उद्दीपन विभाव: जाग्रत भावों को और अधिक तीव्र/उद्दीप्त करने वाली बाह्य चेष्टाएँ व परिस्थितियाँ (जैसे—चाँदनी रात, एकांत स्थल, गर्जन)।
हिंदी में प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
विभाव से क्या आशय है? इसके भेदों के नाम लिखिए।
विभाव का आशय एवं उसके भेद:
1. आशय: काव्य अथवा नाटक में जो कारण (व्यक्ति, वस्तु, परिस्थिति) सहृदय/श्रोता के हृदय में सुषुप्त रूप से विद्यमान स्थायी भावों को जाग्रत एवं उद्दीप्त करते हैं, उन्हें 'विभाव' कहते हैं (विभावयन्ति अनुभावयन्ति इति विभावाः)।
2. भेद (2 मुख्य भेद):
- 1. आलम्बन विभाव: जिसका सहारा पाकर भाव जाग्रत हों (इसके दो पक्ष हैं: आश्रय और विषय)।
- 2. उद्दीपन विभाव: जाग्रत भावों को और अधिक तीव्र/उद्दीप्त करने वाली बाह्य चेष्टाएँ व परिस्थितियाँ (जैसे—चाँदनी रात, एकांत स्थल, गर्जन)।