बहुव्रीहि समास को परिभाषित करते हुए कोई दो उदाहरण लिखिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
बहुव्रीहि समास की परिभाषा एवं सोदाहरण व्याख्या:
1. परिभाषा: जिस समास में पूर्व पद और उत्तर पद—दोनों में से कोई भी पद प्रधान न होकर, दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अन्य पद (संज्ञा) की ओर संकेत करते हैं, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं (अन्यपदप्रधानो बहुव्रीहिः)।
2. उदाहरण:
- लम्बोदर = लम्बा है उदर जिसका अर्थात् श्री गणेश।
- चक्रपाणि = चक्र है पाणि (हाथ) में जिसके अर्थात् भगवान विष्णु।
- दशानन = दस हैं आनन (मुख) जिसके अर्थात् रावण।
हिंदी में प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
बहुव्रीहि समास को परिभाषित करते हुए कोई दो उदाहरण लिखिए।
बहुव्रीहि समास की परिभाषा एवं सोदाहरण व्याख्या:
1. परिभाषा: जिस समास में पूर्व पद और उत्तर पद—दोनों में से कोई भी पद प्रधान न होकर, दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अन्य पद (संज्ञा) की ओर संकेत करते हैं, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं (अन्यपदप्रधानो बहुव्रीहिः)।
2. उदाहरण:
- लम्बोदर = लम्बा है उदर जिसका अर्थात् श्री गणेश।
- चक्रपाणि = चक्र है पाणि (हाथ) में जिसके अर्थात् भगवान विष्णु।
- दशानन = दस हैं आनन (मुख) जिसके अर्थात् रावण।