स्थायी भाव किसे कहते हैं? उदाहरण सहित लिखिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
स्थायी भाव की परिभाषा एवं उदाहरण:
1. परिभाषा: जो भाव मनुष्य के चित्त/हृदय में जन्म से ही सुषुप्त (संस्कार) रूप में स्थायी रूप से विद्यमान रहते हैं और अनुकूल विभाव, अनुभाव व संचारी भावों का संयोग पाकर 'रस' रूप में अभिव्यक्त होते हैं, उन्हें स्थायी भाव कहते हैं (भरतमुनि के अनुसार इनकी संख्या मूलतः 8 तथा वर्तमान में 9 से 11 मानी गई है)।
2. उदाहरण:
- रति (प्रेम) ➔ शृंगार रस का स्थायी भाव
- उत्साह ➔ वीर रस का स्थायी भाव
- क्रोध ➔ रौद्र रस का स्थायी भाव
- शोक ➔ करुण रस का स्थायी भाव
हिंदी में प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
स्थायी भाव किसे कहते हैं? उदाहरण सहित लिखिए।
स्थायी भाव की परिभाषा एवं उदाहरण:
1. परिभाषा: जो भाव मनुष्य के चित्त/हृदय में जन्म से ही सुषुप्त (संस्कार) रूप में स्थायी रूप से विद्यमान रहते हैं और अनुकूल विभाव, अनुभाव व संचारी भावों का संयोग पाकर 'रस' रूप में अभिव्यक्त होते हैं, उन्हें स्थायी भाव कहते हैं (भरतमुनि के अनुसार इनकी संख्या मूलतः 8 तथा वर्तमान में 9 से 11 मानी गई है)।
2. उदाहरण:
- रति (प्रेम) ➔ शृंगार रस का स्थायी भाव
- उत्साह ➔ वीर रस का स्थायी भाव
- क्रोध ➔ रौद्र रस का स्थायी भाव
- शोक ➔ करुण रस का स्थायी भाव