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Home›MPPSC Mains (Eng)›General Hindi & Grammar›General Hindi & Grammar›Rasa & Chhanda (10 marks)›मानव समाज में अरुण पड़ा, जल जन्तु बीच हो वरुण पड़ा। इस तरह भभकता राणा

मानव समाज में अरुण पड़ा, जल जन्तु बीच हो वरुण पड़ा।
इस तरह भभकता राणा था, मानो सर्पों में गरुण पड़ा॥
इन पंक्तियों में कौन-सा रस है? उसके स्थायीभाव सहित लिखिए।

20241M
Model Answer

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.

रस एवं स्थायी भाव:

"मानव समाज में अरुण पड़ा, जल जन्तु बीच हो वरुण पड़ा।
इस तरह भभकता राणा था, मानो सर्पों में गरुण पड़ा॥"

  • रस: वीर रस (महाराणा प्रताप के शौर्य एवं पराक्रम का वर्णन)
  • स्थायी भाव: उत्साह

हिंदी में प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

मानव समाज में अरुण पड़ा, जल जन्तु बीच हो वरुण पड़ा।
इस तरह भभकता राणा था, मानो सर्पों में गरुण पड़ा॥
इन पंक्तियों में कौन-सा रस है? उसके स्थायीभाव सहित लिखिए।

रस एवं स्थायी भाव:

"मानव समाज में अरुण पड़ा, जल जन्तु बीच हो वरुण पड़ा।
इस तरह भभकता राणा था, मानो सर्पों में गरुण पड़ा॥"

  • रस: वीर रस (महाराणा प्रताप के शौर्य एवं पराक्रम का वर्णन)
  • स्थायी भाव: उत्साह
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